जालंधर/लुधियाना | इनकम टैक्स विभाग की जांच में टैक्स चोरी का बड़ा रैकेट सामने आया है। सरकारी मुलाजिमों की एक लाख से अधिक इनकम टैक्स रिटर्न की जांच के बाद इन्वेस्टिगेशन विंग ने चार राज्यों में रेड कर 13 लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें पंजाब के बटाला, फिरोजपुर, फाजिल्का, लुधियाना शामिल हैं। बुधवार सुबह शुरू हुई रेड वीरवार देर रात खत्म हुई। इसकी जानकारी शुक्रवार को सामने आई है। वेतनभोगियों को इनकम टैक्स कानून 1961 की धारा 10 और 80 के तहत बीमा प्रीमियम, डोनेशन आदि पर टैक्स में छूट मिलती है। जब रिटर्न भरी जाती है तो करदाता अपने इस खर्च की खुद घोषणा कर देता है। नियम है कि ये घोषणा गलत हुई तो जुर्माना लगता है। इसमें ही गड़बड़ी सामने आई है। ऐसे काम करता है गिरोह…. रैकेट में 13 लोग जांच के घेरे में हैं। ये लोगों की आईटीआर भरा करते थे। करदाता की रिटर्न में फर्जी जानकारी देकर टीडीएस रिफंड दिला रहे थे। वे अपनी अलग-अलग ईमेल आईडी और नंबरों का उपयोग कर रहे थे। इन्होंने आयकर अधिनियम 61 की धारा 10 और 80 के तहत टैक्स कटौती और छूट के प्रावधानों का गलत इस्तेमाल किया। वे जिन करदाताओं के टैक्स चोरी करवाते हैं, उनसे कमीशन लेते हैं। यह कमीशन टीडीएस रिफंड का 5-10% तक होता है।


