महिला ने जब जान दी, तब पुलिस ने लिखी उसके बेटे के साथ हुई मारपीट की रिपोर्ट

देवपुरी में नाबालिग बेटे के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची जिस महिला को टिकरापारा थाने से भगा दिया था, उस महिला की मौत के तुरंत बाद ही पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। पुलिस रिपोर्ट नहीं लिख रही थी, इस वजह से महिला ने करीब 11 दिन पहले जहर पी लिया था। रविवार को उस महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई और उसके बेटे के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया। हैरानी की बात है कि पुलिस जिस केस में एफआईआर ही दर्ज नहीं कर रही थी, उसमें कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया। कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में भी ले लिया। आरोपियों के खिलाफ सामान्य मारपीट का केस दर्ज किया गया है। केवल इसी कार्रवाई के लिए साधना टोडर थाने के चक्कर काट रही थी लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। इससे पुलिस थाने की कार्रवाई जांच के घेरे में आ गई है। एफआईआर कराने पहुंची महिला को पुलिस ने भगाया बेटे की पिटाई और धमकी से भयभीत साधना टोडर रिपोर्ट लिखाने टिकरापारा थाने पहुंची। थाने में मौजूद पुलिस वालों ने उसकी एफआईआर नहीं लिखी। अगले दिन 15 मार्च को वह फिर थाने पहुंची और रिपोर्ट लिखने को कहा। पुलिस वालों ने इस बार भी भगा दिया। इससे महिला डर गई। उसने 15 मार्च को फिनाइल ​पिया। 23 को उसकी मौत हो गई। सीएसपी बोले- महिला ने आवेदन ही नहीं दिया पुरानी बस्ती सीएसपी राजेश देवांगन से जब पूछा गया कि अब कैसे एफआईआर दर्ज हो गई, जब महिला शिकायत लेकर गई थी तो क्यों उसकी नहीं सुनी गई। उस समय एफआईआर दर्ज हो जाती तो महिला की जान बच जाती, इस सवाल पर उन्होंने कहा- महिला ने एफआईआर दर्ज करने का आवेदन ही नहीं दिया था। उन्होंने ये नहीं स्वीकार किया कि इस मामले में थाने स्तर पर किसी तरह की लापरवाही हुई है। थानेदार छुट्‌टी पर, सहयोगी ने कहा- दर्ज है केस घटना के तुरंत बाद थानेदार विनय बघेल को इस घटना को गंभीरता से लेते हुए साधना टोडर की रिपोर्ट पर केस दर्ज करना चाहिए था। उन्होंने लापरवाही बरती। साधना की मौत के बाद जब थानेदार से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो फोन उनके स्टाफ ने उठाया और कहा- साहब छुट्‌टी पर हैं। महिला की मौत केबाद मोहल्ले में विरोध इस घटना की खबर लगते ही मोहल्ले के लोग खासे नाराज हो गए। उन्होंने थाने जाकर विरोध जताया। उसके बाद टिकरापारा पुलिस ने रविवार देर रात डेरहाराम की ओर से मारपीट करने पहुंचे राजेश साहू, ओमकार साहू, कांशी साहू, यशवंत साहू, चंद्रप्रकाश साहू, बबलू देवांगन, कोमल टोडर, लोकेश साहू, शुभम साहू, दया राम साहू, सुभत्रो साहू, देवेंद्र साहू, दिलीप साहू, रूपेश साहू, ईशु साहू व सोनू साहू के खिलाफ केस दर्ज किया। हैरानी की बात है कि महिला की मौत के बाद भी जब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है तो उसमें डेहराम का नाम नहीं है। ये है मामला : देवपुरी में होली के दिन 14 मार्च को डेरहाराम साहू ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई कि दोपहर साढ़े तीन बजे वह अपनी दुकान में था। तभी साधना टोडर का नाबालिग बेटा समेत तीन-चार लड़के आए और दुकान के सामने खड़े होकर उसे अपशब्द कहने लगे। मना करने पर उन्होंने डेहराम के साथ मारपीट की। डेहरा की रिपोर्ट पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। थाने में एफआईआर कराने के बाद डेहराम के एक दर्जन से ज्यादा साथी रात करीब 8-9 बजे नाबालिग के घर पहुंचे। वे हाथ में डंडा, और धारदार हथियार लेकर पहुंचे थे। नाबालिग घर पर नहीं था। उन्होंने उसकी मां साधना टोडर को धमकी दी कि नाबालिग अगर मिला तो वे उसे छोड़ेंगे नहीं। इसके बाद वे चले गए। रास्ते में डेरहा के साथियों ने उसकी पिटाई कर दी। वे उसे मारते हुए 500 मीटर दूर रोड तक ले आए, उन्होंने नाबालिग पर चाकू से भी हमला किया।

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