शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गलत नीति से समायोजन करने का आरोप लगाते हुए एक दिव्यांग शिक्षक धरने पर बैठ गया। शिक्षक संघ के लोगों ने उसे समझाइश कर धरने से उठाया। गुरुवार को किए गए समायोजन के बाद दिव्यांग शिक्षक के अलावा सैंपऊ स्थित झिरी गांव में कार्यरत एक महिला शिक्षक भी समायोजन के खिलाफ शिकायत करने पहुंची। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे दिव्यांग शिक्षक जुम्मन खान ने बताया कि वह राजाखेड़ा बाईपास के पास रहता हैं। जो पिछले 6 वर्ष से अपने घर से 9 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत जाटोली स्थित बकायन का पूरा गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में कार्यरत है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा गलत नीति से किए गए समायोजन के तहत उसका ट्रांसफर घर से 24 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मनियां स्थित बोथपुरा गांव के महात्मा गांधी स्कूल में कर दिया हैं। उनकी जगह चोपड़ा मंदिर के पास निवास करने वाली महिला शिक्षक को लगा दिया हैं। जो की नियम विरुद्ध हैं। वहीं, समायोजन को लेकर शिकायत करने पहुंची शिक्षक ज्योति गुप्ता ने बताया कि वह गंगापुर सिटी की रहने वाली हैं। जो पिछले 5 वर्ष से ग्राम पंचायत सैंपऊ के गांव झीलरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि समायोजन के दौरान उन्हें वापस उसी स्कूल में लगा दिया गया। समायोजन के बाद शिक्षिका ने स्कूल में जॉइनिंग कर पोर्टल पर भी जानकारी अपलोड कर दी। जिसके एक सप्ताह बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा दुबारा समायोजन करते हुए उन्हें धौलपुर स्थित राजघाट राजकीय उच्च स्कूल में लगाकर उनके स्थान पर कैंसर की बीमारी से ग्रसित शिक्षक को लगा दिया गया हैं। शिक्षिका ज्योति ने अधिकारियों को शिकायत देते हुए कहा कि समायोजन में दिव्यांग, बीमारी ग्रसित, बुजुर्ग अध्यापकों को नियमानुसार वरीयता दी जाती हैं। यह नियुक्ति नियम से कोसों दूर है।


