अतिरिक्त सेशन जज शिव मोहन गर्ग की अदालत ने नाबालिग की हत्या के मामले में दोषी गांव करियाना कलां निवासी सरूप राम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। सरकारी पक्ष के अनुसार 11 सितंबर 2020 को सब-इंस्पेक्टर हर्षपाल सिंह ने मक्खन सिंह का बयान दर्ज किया। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी एक बेटी और 14 साल का बेटा गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी है, जो कक्षा 9 का छात्र था। वारदात के दिन सुबह करीब 8:00 बजे गुरप्रीत कस्सी लेकर खेतों में धान की फसल की सिंचाई करने गया था। मक्खन सिंह और उसका चचेरा भाई राजवीर सिंह बाइक पर गुरप्रीत को चाय देने गए थे। जब वे भिंडर राम के खेतों के पास पहुंचे, तो देखा कि सरूप राम ने गुरप्रीत पर कस्सी से वार कर दिया। जिससे उसकी मौत हो गई।


