एसजीपीसी का 1386 करोड़ का बजट पास जत्थेदारों की नियुक्ति के तय होंगे​ नियम

जत्थेदारों की नियुक्ति के विरोध में दमदमी टकसाल प्रमुख बाबा हरनाम सिंह धुम्मा सहित निहंग जत्थेबंदियों के रोष मार्च के बीच शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने 1386 करोड़ 47 लाख 80 हजार रुपए का बजट शुक्रवार को पास कर दिया। बजट पिछले साल की तुलना में 9.95% ज्यादा है। उधर, दमदमी टकसाल प्रमुख बाबा हरनाम सिंह धुम्मा सहित निहंग जत्थेबंदियों ने गोल्डन गेट से एसजीपीसी दफ्तर तक गाड़ियों में सवार होकर रोष मार्च निकाला। रोष मार्च के मद्देनजर गोल्डन गेट से लेकर एसजीपीसी दफ्तर के बाहर तक 3 हजार पुलिस जवान लगाए। उन्हें तीन जगह रोका गया लेकिन वे सभी जगह बैरिकेड तोड़ते हुए 12 बजे एसजीपीसी कार्यालय पहुंचे। शांति पाठ किया व अरदास कर एसजीपीसी से फैसले वापस लेने की मांग की और लौट गए। कमेटी प्रधान एडवोकेट हर जिंदर सिंह धामी ने बताया, एसजीपीसी श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदारों की नियुक्ति, सेवा मुक्ति और योग्यता से जुड़े नियम-मर्यादा तय करेगी। इसके लिए पंथक प्रतिनिधियों की उच्च स्तरीय कमेटी बनाएगी। यह प्रस्ताव शुक्रवार को सालाना बजट बैठक के बाद पास किया गया। धर्म प्रचार पर 110 करोड़ रु., गुरुद्वारों के रखरखाव पर 1062 करोड़ रु., पंथक कल्याण को 4.95 करोड़ रु., सिख बच्चों की मुफ्त शिक्षा के लिए 8.40 करोड़, खेलों के लिए 3.9 करोड़ रुपए रखे गए हैं। हिमाचल में सिखों के प्रति नफरत रोकने समेत अन्य प्रस्ताव पास {श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की नवंबर 2025 में मनाई जा रही 350वीं शहादत शताब्दी को यादगार बनाने के लिए केंद्र सरकार से राष्ट्रीय स्तर की स्मारक बनाने, गुरु साहिब के नाम पर शिक्षा संस्था या शोध केंद्र स्थापित करने, विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्के जारी करने की अपील। {गृह मंत्री अमित शाह की ओर से संसद में जरनैल सिंह भिंडरांवाले को लेकर दिए बयान की कड़ी निंदा है। {कमेटी ने हिमाचल में सिखों के खिलाफ फैलाए जा रहे नफरत के माहौल पर चिंता जताई गई। हिमाचल सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की गई। पंजाब सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए गए। {दिल्ली दंगे मामले में सज्जन कुमार को सजा का स्वागत व अन्य मामलों में दोषियों को सख्त सजा और पीड़ितों को इंसाफ देने की मांग की गई। {पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए अमृतसर में वीजा दफ्तर खोलने की मांग की गई। {भारत-पाकिस्तान के बीच बंद पड़े व्यापार को फिर शुरू करें। {भारतीय सेना में सिखों के लिए विशेष आरक्षण तय किया जाए। {केंद्र से बंदी सिखों की रिहाई तुरंत क​ी जाए। {किसान नेताओं पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लेने और किसानों के पक्ष में तुरंत फैसले लेने की मांग की गई। विधानसभा में उठा जत्थेदारों की नियुक्ति का मामला, अयाली ने जताई सहमति कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विधानसभा में जत्थेदारों की नियुक्ति का मामला उठाते हुए कहा, श्री अकाल तख्त साहब हमारे लिए सर्वोच्च है। पिछले दिनों जो कुछ हुआ, यह सब राजनीतिक दबाव में हुआ है। इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। शिअद विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने सहमति जताते हुए कहा, जिन जत्थेदारों ने हुक्मनामा सुनाया, दुख की बात है उन्हें बदल दिया। अमृतसर में निहंग जत्थेबंदियों को रोकते पुलिस के जवान। एसजीपीसी बजट 2025-26 3 जगह बैरिकेडिंग तोड़ एसजीपीसी ऑफिस पहुंचे, अरदास कर लौटे 2024-25 1386.47 1260.97 कुल बजट 110 180 100 170 400 251 धर्म प्रचार राशि करोड़ में लंगर और प्रसाद

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