भास्कर न्यूज | बालोद गुरुवार को जिले के 19 केंद्रों में खरीदी बंद रही। जिसमें कुआगोंदी, आमाडुला, कलंगपुर, कुसुमकसा, कोचवाही, कोबा, गुजरा, गुंडरदेही, गुदुम, घोघोपुरी, चिखलाकसा, दर्रा, बरबसपुर, नवागांव, बासीन, भाठागांव, रनचिरई, साल्हे, हितेकसा केंद्र शामिल है। जिसके चलते टोकन जारी होने के बावजूद किसानों को बैरंग लौटना पड़ा। दरअसल इन केंद्रों में बफर लिमिट से तीन से पांच गुना ज्यादा धान खरीदी हो चुकी है, लेकिन परिवहन की रफ्तार धीमा है। जिसके चलते यह स्थिति बनी। सभी केंद्र के लिए न्यूनतम बफर लिमिट 7200 क्विंटल तय किया गया है। एक ओर विभागीय अफसर दावा कर रहे हैं कि राइस मिलर्स पंजीयन व अनुबंध करवाकर धान का उठाव कर रहे हैं। इसके लिए डीओ जारी कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सच्चाई यह है कि केंद्रों में धान रखने जगह नहीं होने की वजह से खरीदी बंद करने की नौबत आ रही है। विभागीय अफसर भी मान रहे है कि शुरुआत से परिवहन होता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती लेकिन राइस मिलर्स कई मांगों को लेकर पंजीयन नहीं करवाए थे। जिसके चलते धान का उठाव नहीं हो पाया। अब पंजीयन करवा रहे हैं लेकिन पहले से ही खरीदी की तुलना में उठाव कम होने की वजह से केंद्रों में धान रखने पर्याप्त जगह नहीं है। परिवहन में जल्द तेजी नहीं आई तो और बढ़ेगा किसानों का संकट सेवा सहकारी समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर आगे भी धान का उठाव तेजी से नहीं हुआ तो आने वाले समय में अधिकतर केंद्रों मंे खरीदी बंद करने की नौबत आ सकती है। इसकी मुख्य वजह यह है कि बफर लिमिट से तीन से पांच गुना ज्यादा खरीदी हो चुकी है। कुरदी में बफर लिमिट से 5 गुना ज्यादा खरीदी हो चुकी है। समिति की ओर से विभागीय अफसरों को जानकारी दी गई है कि जल्द धान का उठाव करें, ताकि धान खरीदी प्रभावित न हो। डीएमओ सौरभ भारद्वाज ने बताया कि जल्द ही केंद्रों से धान उठाव के लिए राइस मिलर्स व ट्रांसपोर्टर को डीओ, टीओ जारी कर रहे हैं। इन खरीदी केंद्रों में 15 हजार से लेकर 40 हजार क्विंटल तक धान रखा है धनेली केंद्र में 21 हजार 912 क्विंटल, धनोरा में 27 हजार 431 क्विंटल, नवागांव में 27 हजार 497 क्विंटल, नाहंदा में 24 हजार 447 क्विंटल, परसतराई में 21 हजार 217 क्विंटल, पिनकापार में 19 हजार 34 क्विंटल, पिनकापार सिकोसा में 30 हजार 581 क्विंटल, पिरीद में 21 हजार 486 क्विंटल, खरथुली में 22 हजार 168 क्विंटल, फरदफोड़ में 28 हजार 750 क्विंटल, फागुन्दाह में 34 हजार 474 क्विंटल, बड़गांव में 22 हजार 168 क्विंटल, बरबसपुर में 24 हजार 918 क्विंटल, बरही में 19 हजार 977 क्विंटल धान जाम है। इसी तरह अधिकांश केंद्रों में न्यूनतम 15 हजार से लेकर अधिकतम 40 हजार क्विंटल धान का उठाव होना बाकी है।


