भास्कर न्यूज | अमृतसर भवन्ज कला केंद्र ने 104वां मासिक सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘शाम-ए-गजल’ आयोजित किया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित गजल गायक आदित्य लंगेह ने ‘बात निकलेगी तो फिर’, ‘ज़िन्दगी से बड़ी सजा ही नहीं’ जैसी गजलों से समां बांधा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रोटेरियन रोहित ओबेरॉय थे। विशेष अतिथि के रूप में रोटेरियन अनिल सिंघल और रोटेरियन विजय सहदेव मौजूद रहे। पूर्व मेयर बख्शी राम अरोड़ा और उनके भतीजे गौरव अरोड़ा भी शामिल हुए। वहीं पार्षद रूही, रोटेरियन, रोहित ओबेरॉय और विजय सहदेव भी उपस्थित रहीं। दीप प्रज्वलन के बाद भवन्ज प्रबंधक समिति ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों और संगीत टीम को गुलदस्ता भेंट किए। आदित्य लंगेह का साथ तबला वादक सुरजीत सिंह, वायलन वादक स्वप्न रानू, विक्रम, तजिंदर और दीपक ने दिया। रोटेरियन विजय सहदेव ने कार्यक्रम की सराहना की और भवन्ज के चेयरमैन अविनाश महेन्द्रू व निर्देशिका डॉ. अनीता भल्ला का आभार जताया। रोटेरियन अनिल सिंघल ने 1988 से भवन्ज़ के साथ अपने जुड़ाव को याद किया। मुख्य अतिथि रोहित ओबेरॉय ने गजल गायन की महत्ता पर बात की। भवन्ज अध्यक्ष अविनाश महेन्द्रू ने अपने भाषण में संस्था द्वारा चलाए जा रहे धर्मार्थ कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगला 105वां कार्यक्रम भवन्ज़ के शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।


