छत्तीसगढ़ के बालोद में खनिज से लेकर राजस्व विभाग, जिला प्रशासन के अफसर सो रहे है और ग्रामीण जागकर भूमाफियाओं को पकड़ रहे हैं। क्योंकि रात के अंधेरे में रेत खनन का खेल चल रहा है। इसकी जानकारी अफसरों को होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं कर रहें है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद औपचारिकता निभाने कभी कभार कार्रवाई की जाती है, फिर जुर्माना वसूलकर माफियाओं को छोड़ दिया जाता है। नेवारिकला में पकड़ा गया जेसीबी और हाईवा ताजा मामला नेवारीकला, चंदनबिरही और पोड़ का है। नेवारीकला के ग्रामीणों ने रेत खनन करते दो लोगों को पकड़कर जेसीबी और हाईवा वाहन जब्त किया। जबकि दो लोग फरार हो गए। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत के माध्यम से गांव में चल रहे कार्य के लिए हाईवा से मुरूम मंगाया गया था। बैठक में हुए राजीनामा के बाद ग्रामीणों ने छोड़ा हाईवा चालक ने रात में मुरूम लाकर डंप किया, जिसके बाद जेसीबी के माध्यम से ओरमा और नेवारीकला के बीच तांदुला नदी में रेत का खनन करने लगा। जब ग्रामीणों को खबर मिली तो हंगामा हो गया। इसके बाद ग्राम पंचायत व ग्राम विकास समिति की बैठक में आपसी राजीनामा के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। एक भी खदान से खनन की अनुमति नहीं वर्तमान में सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जिले की किसी भी खदान को खनन की अनुमति नहीं दी है। एक साल पहले मानसून को छोड़कर बाकी सीजन में जिले के दो खदान हीरापुर और सलौनी से रेत खनन की अनुमति दी गई थी। 40 से अधिक जगहों पर होता है अवैध उत्खनन जिले के 40 से ज्यादा स्थानों में अवैध तरीके से रेत खनन किया जाता है। रेत निकालने के बाद भूमाफिया और सप्लायर अपने हिसाब से रेट तय करते हैं, जिससे नदी से रेत लोगों तक पहुंचते-पहुंचते पांच गुना महंगी हो जाती है। तांदुला और महानदी के दायरे में हो रहा अवैध रेत खनन महानदी से लगे नेवारीकला, ओरमा, चंदनबिरही, ग्राम पोड़, भैसमुड़ी और ग्राम अलोरी की सीमा में अवैध रेत उत्खनन जारी है। इसी तरह, तांदुला नदी के दायरे में आने वाले गुंडरदेही, रंगकठेरा, सिकोसा, सिंगनवाही, बेलौदा, हर्राठेमा, नेवारीकला, पड़कीभाट, टेकापार, बघमरा, चंदनबिरही, रौना, देवीनवागांव, अरौद, मर्रामखेड़ और गोड़पाल सहित अन्य स्थानों में भी खनन हो रहा है। इन स्थानों से निकाली गई रेत बालोद के अलावा धमतरी, राजनांदगांव, दुर्ग समेत अन्य जिलों में पहुंचाई जा रही है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि पीएम आवास योजना के तहत पंचायत की अनुमति से खनन हो रहा है और सरकार से इसकी मंजूरी मिली है। अवैध रेत खनन पर कार्रवाई जारी- खनिज अधिकारी जिला खनिज अधिकारी मीनाक्षी साहू ने बताया कि फिलहाल जिले में किसी भी खदान को रेत खनन की अनुमति नहीं मिली है। हालांकि, पीएम आवास योजना के तहत पंचायत स्तर पर खनन हो सकता है। उन्होंने कहा कि जहां भी अवैध खनन की शिकायत मिल रही है, वहां कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में चंदनबिरही में कार्रवाई की गई थी, जबकि पोड़ में जांच के दौरान कोई गतिविधि नहीं मिली। नेवारीकला का मामला पंचायत स्तर का होने की बात कही गई है। चंदनबिरही में चैन माउंटेन जब्त किया- कौशिक अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि हाल ही में चंदनबिरही में चेन माउंटेन जब्त किया गया था, जबकि पोड़ में टीम जांच के लिए गई थी। जहां भी अवैध खनन की शिकायत मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है।


