जिले में खाद की कालाबाजारी की जा रही है। तय रेट से ज्यादा दाम दुकानदारों द्वारा वसूले जा रहे हैं। जावरा एसडीएम त्रिलोचन गौड़ को जब इस बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने गुरुवार को स्टिंग कराया। चौकीदार को ग्राहक बनाकर एक दुकान पर भेजा, जिसने 266 रुपए कीमत का यूरिया का बैग 360 रुपए में दिया। ब्लैक मार्केटिंग की सूचना कन्फर्म होते ही एसडीएम ने अधिकारियों को भेज दुकान को सील करवा दिया। एसडीएम ने ग्राम बन्नाखेड़ा के चौकीदार राधेश्याम को किसान बनाकर यूरिया खरीदने खाचरौद नाका मंडी रोड स्थित अनोखीलाल एंड संस सुखेड़ा वाला की दुकान पर भेजा। चौकीदार को 266.5 रुपए कीमत का यूरिया खाद का बैग 360 रुपए में दिया। तभी तहसीलदार संदीप इवने, नायब तहसीलदार वैभव जैन, बड़ावदा तहसीलदार श्रद्धा तिवारी, पटवारी पंकज राठौर समेत पूरी टीम दुकान पर पहुंची। मौके पर कृषि अधिकारियों को बुलाया। कृषि विभाग अधिकारी केआर खेड़े एवं इंदरसिंह भयड़िया ने चौकीदार किसान राधेश्याम के बयान लिए। पंचनामा पर साइन नहीं किए
अधिकारियों ने दुकान पर बैठे कर्मचारी रितेश पंवार से बात की, पंवार ने 360 रुपए में खाद बेचना स्वीकार किया। बाद में पंचनामे पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। दुकान संचालक कुशलकुमार मेहता को बुलाया। लेकिन वह नहीं आए। दिनभर दुकान बंद रही। संचालक ने फोन भी बंद कर लिया। अधिकारियों ने दुकान को सील कर दिया। दुकान संचालक का लाइसेंस निरस्त करने तैयारी हो रही है। जावरा एसडीएम त्रिलोचन गौड़ ने बताया कि दुकान को सील किया है। दुकान संचालक सामने नहीं आया है। रिपोर्ट बनाकर कलेक्टर को सौंपी जा रही है। कलेक्टर राजेश बाथम ने कहा, खाद की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी। संबंधित दुकान संचालक का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


