होशंगाबाद (नर्मदापुरम) विधानसभा क्षेत्र में बनी खराब सड़कों का मुद्दा मप्र विधानसभा में उठाया गया। क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर सीताशरन शर्मा ने विधानसभा में नियम 267- के अधीन क्षेत्र में खराब गुणवत्ता और मंथर गति से बनाई सड़कों का विषय उठाते हुए कहा कि हमारी विधानसभा क्षेत्र में कुछ सड़कों की गुणवत्ता खराब है। निर्माण कार्य इतना खराब रहा कि बनने के कुछ महीने बाद ही सड़क कई जगह से उखड़ गई और गड्ढे हो गए। हालत ये है कि करोड़ों रुपए की लागत से बनी उक्त सड़कों के खराब गुणवत्ता के बनाए जाने के कारण उक्त सड़कें अनेक स्थानों पर आवागमन के योग्य नहीं है। शिकायत के बाद भी उक्त सड़कों की जांच नहीं की जा रही है। विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष को बताया कि नर्मदापुरम जिले के नर्मदापुरम विधान सभा क्षेत्र में आने वाली (1) पांजरा से रैसलपुर, (2) रैसलपुर से निटाया, (3) बरंडुआ-रंढ़ाल, (4) डोंगरवाड़ा-हासलपुर सड़क का निर्माण कार्य अत्यन्त खराब गुणवत्ता एवं बेकार रहा है। इसके साथ ही निर्माणाधीन मालाखेड़ी-रायपुर एवं रैसलपुर मार्ग का कार्य मंथरगति से चल रहा है, जिसके कारण उक्त मार्ग निर्धारित समयावधि में पूरा नहीं हो सकेंगे। विभाग द्वारा बनाई जा रही सड़कों की खराब गुणवत्ता एवं मंथर गति से बनाई जाने वाली सड़कों पर अधिकारियों का निरीक्षण न होने के कारण शासकीय धन का अपव्यय हो रहा है। खराब गुणवत्ता के साथ ओवरलोड डंपर भी वजह विधायक ने जिन सड़कों का मुद्दा उठाया। उनमें पांजरा से रेसलपुर सड़क डेढ़ दो साल पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विभाग ने बनाई है। मेहराघाट की रेत खदानों से निकलने वाले कई ओवरलोड डंपर इसी रास्ते से निकलकर फोरलेन पर जाते रहे। जिस वजह से भी ये सड़क 6 महीने के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो गई। आरटीओ, खनिज और यातायात द्वारा ओवरलोड डंपरों पर एक्शन न लिए जाने की वजह से ही अन्य सड़कों की भी हालात खस्ताहाल हो रही है। पवारखेड़ा बायपास की सड़क भी बारिश से पहले इसी वजह से खराब हो गई थी। जिसका सुधार कार्य लोकनिर्माण विभाग ने डेढ़ महीने पहले ही कराया है।


