मऊगंज जनपद पंचायत में भ्रष्टाचार का एक नया वीडियो बुधवार देर शाम को सामने आया है। जिसमें मनरेगा प्रभारी एपीओ नीतू सिंह पर नंदन फल योजना के तहत लाभ दिलाने के एवज में 4,000 रुपए की रिश्वत मांगते हुए दिख रही है। ग्राम देवरी के हितग्राही मंगल सिंह और त्रियुगीनारायण मिश्रा ने इस मामले में प्रशासन से शिकायत की है। त्रियुगीनारायण मिश्रा के मुताबिक, उन्होंने नीतू सिंह को कार्यालय में 3,500 रुपए दिए, जबकि शेष 500 रुपए काम पूरा होने के बाद देने की बात हुई थी। घूस की यह पूरी बातचीत वीडियो में रिकॉर्ड हो गई है। मऊगंज में पहले भी हो चुके हैं भ्रष्टाचार के मामले मऊगंज में यह पहला भ्रष्टाचार का मामला नहीं है। इससे पहले लोकायुक्त पुलिस ने मऊगंज अपर कलेक्टर अशोक कुमार ओरी को 5,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इसके अलावा, शिक्षा विभाग के बाबू राजाराम गुप्ता को 20,000 रुपए की घूस लेते गिरफ्तार किया गया था। योजना का लाभ न मिलने से परेशान हितग्राहियों ने कलेक्टर संजय जैन से न्याय की गुहार लगाई है। कलेक्टर ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत रीवा के सीईओ को जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी कि वीडियो कब का है और मामला क्या है।


