बाड़मेर राजकीय बालिका जनजाति आश्रम छात्रावास बाड़मेर का वार्षिक उत्सव शनिवार को मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला भील समाज विकास समिति के जिलाध्यक्ष अर्जुन भावानी ने की। मुख्य अतिथि शंकरलाल दहिया रहे। अधीक्षिका सीमा मीणा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि छात्रावास में कक्षा 6 से 12 तक कुल 50 जनजाति बालिकाएं रह रही हैं। इस सत्र में कक्षा 12वीं की 8 भील बालिकाओं को विदाई दी गई। विदाई समारोह में छात्रावास परिवार और भामाशाहों ने बालिकाओं को घड़ियां भेंट की। बालिकाओं की माताओं ने उन्हें माल्यार्पण कर विदा किया। इस अवसर पर जिला प्रवक्ता शंकरलाल दहिया ने कहा कि शिक्षा का जमाना है। बालिका शिक्षित होगी तो दो परिवारों को शिक्षित करेगी। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि घड़ी की तरह निरंतर शिक्षा लेते रहे। दिन-रात मेहनत करें। अच्छे संस्कार अपनाएं। अपने सपनों को साकार करें। माता-पिता के अरमान पूरे करें। अंबाराम देवासी ने छात्रावास को ऑफिस टेबल भेंट की। वागाराम देवासी ने दस्तावेज पंजिका और सभी बालिकाओं को स्टेशनरी दी। भामाशाह शंकरलाल दहिया, मांगीलाल सोमानी, मांगीलाल सिणधरी, नारायण राम आंटियां और पोकरराम सोमानी ने बालिकाओं को नगद भेंट देकर प्रोत्साहित किया। जिलाध्यक्ष अर्जुन भावानी ने कहा कि शिक्षा शेरनी का दूध है। जो इसे पिएगा, वह दहाड़ेगा और आगे बढ़ेगा। बच्चियों से कहा कि शिक्षा रूपी दूध पीकर आगे बढ़ें। कार्यक्रम में किशनलाल सोमानी, दुर्गाराम सोमानी, भूराराम, चेतनराम खारा, दीपाराम सणाऊ, पोकरराम सोमानी, नारायण राम आंटियां और पाबूराम खारड़ा मौजूद रहे।


