भास्कर न्यूज | पाकुड़ जिले के अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा रामनवमी आयोजन समिति को पाकुड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में अखाड़ा जुलूस निकालने की अनुमति नहीं देने पर राजनीति गरमा गई है। इस बाबत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने एक्स पर पोस्ट कर जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। बताया जा रहा है कि रामनवमी आयोजन समिति के प्रसन्ना मिश्रा द्वारा बीते 4 अप्रैल को पाकुड़ शहरी समेत ग्रामीण क्षेत्रों में रामनवमी के अखाड़ा जुलूस निकालने के लिए अनुमति मांगी गई थी। जिनमें शहरी क्षेत्र के तलवाडांगा, खदानपाड़ा, अलीगंज, तांतिपाड़ा, गांधी चौक आदि क्षेत्रों में जुलूस की अनुमति मांगी गई थी। जबकि, ग्रामीण क्षेत्र के कोलाजोड़ा, समसेरा, शहरकोल, नगरनबी, बहिरग्राम, चेंगाडांगा आदि क्षेत्रों में रामनवमी जुलूस की अनुमति मांगी गई थी। अनुमति पत्र में उल्लेख किया गया था कि हजारों की संख्या में लोग पारंपरिक हथियार के साथ शांतिपूर्ण तरीके से शोभायात्रा में शामिल होंगे। रामनवमी आयोजन समिति के आवेदन को पाकुड़ के अनुमंडल पदाधिकारी साइमन मरांडी द्वारा थाना प्रभारी से जांच प्रतिवेदन अप्राप्त रहने तथा जुलूस में शामिल होने वाले लोगों की संख्या का उल्लेख नहीं किए जाने, ग्रामीण क्षेत्रों में जुलूस हेतु लाइसेंस प्रस्तुत नहीं करने के कारण विधि-व्यवस्था संधारण में आने वाली दिक्कत को लेकर जुलूस की अनुमति नहीं दी गई। जिसके बाद रामनवमी समिति के आयोजक प्रसन्ना मिश्रा ने दैनिक भास्कर से दूरभाष पर कहा कि जिला प्रशासन ने न सिर्फ जुलूस की अनुमति नहीं दी बल्कि, उन्हें बिना किसी अपराध के रातभर नगर थाने में जबरन बैठाकर रखा गया। पाकुड़ एसडीओ साइमन मरांडी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शोभायात्रा निकालने के लिए मांगी गई अनुमति के लिए काफी कम समय था। इस बाबत थाना प्रभारी द्वारा किसी प्रकार का जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। साथ ही जुलूस के लिए लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं किए गए थे। ऐसे में विधि-व्यवस्था में आने वाली दिक्कतों का मद्देनजर जुलूस की अनुमति नहीं दी गई है।


