पारंपरिक ढंग से जोत जंवारा का नदी-तालाबों में किया विसर्जन

दामापुर| चैत्र नवरात्र का समापन रविवार को रामनवमी तिथि पर हुआ। नवरात्रि पर्व के अंतिम दिन जोत-जंवारा का पारंपरिक तरीके से विसर्जन किया गया। पंडरिया ब्लॉक के ग्राम कुंडा, अतरिया, दामापुर, पटुवा, धौरबंद, कोयलारी कला, सैहामालगी, कोदवा, निंगापुर, सेमरकोना, बसनी, रेहुटा, पंवजरली, बहुबलिया, कोडापुरी, महली, बघर्रा, जैतपुरी, धनेली, रापा सहित आसपास के गांवों में जंवारा विसर्जन हुआ। मंदिरों और घरों से निकली शोभायात्रा निकाली गई। भक्तों ने पारंपरिक वेशभूषा में बाजे-गाजे के साथ मां की विदाई की। महिलाएं, युवतियां और बालिकाएं सिर पर जंवारा रखकर नंगे पांव चलीं। मां के भक्त मुंह में बाना छिदवा कर शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा गांव भ्रमण के बाद स्थानीय तालाबों तक पहुंचीं। वहां पूजा-अर्चना के बाद जंवारा और पाठ पीड़ा का विसर्जन किया गया। शोभायात्रा में जसगीत गूंजते रहे। मांदर की थाप पर भक्त थिरकते रहे। कुछ महिलाएं देवी चढ़ने पर झूमती रहीं। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए

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