भास्कर न्यूज | जशपुरनगर मेडिकल छात्रों और कर्मचारियों की जानी-मानी संस्था सेवांकुर की टीम सोमवार को जशपुर पहुंचेगी। पहले दिन 7 अप्रैल को टीम के डॉक्टर और कर्मचारी शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद 9 अप्रैल को एक साथ जिले के 18 गांव में वृहद मेडिकल कैंप लगाया जाएगा। इस कैंप में सेवांकुर से जुड़े मेडिकल के छात्र ग्रामीणों का मुफ्त इलाज करेंगे। आज सोमवार को शहर में संचालित स्व जगदेव राम उरांव स्मृति कल्याण आश्रम धर्मार्थ चिकित्सालय में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 100 बिस्तर अस्पताल का शिलान्यास करेंगे। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। सीएम ने एनटीपीसी से इस अस्पताल को सर्व सुविधा युक्त 100 बिस्तर अस्पताल बनाने के लिए 35 करोड़ 53 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। इस अस्पताल के बन जाने से जशपुर और इसके आसपास के ग्रामीण अंचल के रहवासियों को लाभ मिलेगा। वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा सालों पूर्व जशपुर में इस अस्पताल का संचालन शुरू किया गया था। यहां जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सा परामर्श देने के लिए चिकित्सकों के साथ एक्स रे सहित जांच की अन्य सुविधा उपलब्ध कराया गया है। इस अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। जिले के इस अस्पताल की जिर्णाद्धार और आधुनिकीकरण की मांग लंबे समय से की जा रही थी। वर्तमान में जिला अस्पताल की तरह कल्याण आश्रम अस्पताल में भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। यहां की रोजाना की ओपीडी 150 से 200 मरीजों की है। इस अस्पताल में सेवा दे रहे डॉक्टर सुबह से लेकर शाम तक बगैर लंच ब्रेक लिए इलाज करते हैं। सरकारी अस्पताल की तरह की इस अस्पताल में भी ओपीडी शुल्क सिर्फ 10 रुपए है। जरूरी दवाएं भी यहां मुफ्त में दी जाती है। सभी तरह की जांच का शुल्क भी बाजार से बेहद कम रखा गया है। सेवांकुर एक पूरी तरह से गैर-राजनीतिक संगठन है जो मेडिकल छात्रों और कर्मचारियों से जुड़ा हुआ है। सेवांकुर सभी के लिए खुला है, चाहे वे किसी भी जाति, पंथ या धर्म के हों। इसके सदस्य के रूप में पंजीकरण के लिए कोई शुल्क नहीं है। मेडिकल संबंधी सेवा सेवांकुर के माध्यम से दी जाती है। इन दिनों सेवांकुर द्वारा एक सप्ताह देश के नाम संकल्प पर काम किया जा रहा है। जिसके तहत टीम ग्रामीण इलाकों में पहुंच रही है और जरूरतमंदों को चिकित्सा सेवा का लाभ प्रदान कर रही है। प्रशासन के चिन्हित गांवों में लगेगा कैंप मेडिकल कैंप में सेवा देने के लिए कौन-कौन से डॉक्टर और मेडिकल स्टूडेंट आ रहे हैं, इसका पता टीम के पहुंचने के बाद चलेगा। मेडिकल कैंप के लिए जिले के सभी विकासखंडों से गांव का चयन किया गया है। कुछ गांव सुदूर पहाड़ी इलाकों में हैं। विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के गांव में भी सेवांकुर की टीम पहुंचेगी। ‘एक सप्ताह देश के नाम’ संकल्प के साथ टीम द्वारा काम किया जाएगा।


