भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा नक्सलियों का ग्रामीण कैडर अब पूरी तरह से टूट गया है, ग्रामीण कैडर में मिलिशिया सदस्य और संघम सदस्य सहित इनामी नक्सली भी बड़ी संख्या में बस्तर के अलग-अलग जिलों में रोज समर्पण कर रहे हैं। नक्सलियों ने सोमवार को दंतेवाड़ा और सुकमा जिले में बंद का आह्वान किया था, पर इसका कही असर नहीं दिखा बल्कि नक्सली संगठन छोड़कर कर 26 नक्सलियों ने सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया। दंतेवाड़ा में आमदई एरिया जनमिलिशिया कमांडर, गमपुर आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष व बेचापाल आरपीसी मिलिशिया, 20 सीएनएम एवं डीएकेएमएस सदस्य, 3 केशकुतुल आरपीसी मिलिशिया एवं डीएकेएसएस सदस्य, 1 गुड़से आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य के पद पर सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित माओवादी राजेश कश्यप आमदई एरिया जनमिलिशिया कमांडर के पद पर सक्रिय था जिस पर छग शासन द्वारा 3 लाख का इनाम घोषित है, आत्मसमर्पित माओवादी कोसा माड़वी जनताना सरकार अध्यक्ष के पद पर सक्रिय था जिसपर छग शासन द्वारा 1 लाख ईनाम घोषित है। आत्मसमर्पित माओवादी छोटू कुंजाम सीएनएम सदस्य के पद पर सक्रिय था जिस पर छग शासन द्वारा 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित है। आत्मसमर्पित माओवादियों को नवनिर्मित पुनर्वास नीति के तहत 50 हजार रुपये की सहायता राशि के साथ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली अन्य सुविधायें जैसे स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षण, कृषि भूमि इत्यादि मुहैया कराई जाएगी। लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 224 ईनामी सहित कुल 953 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं। शाह की अपील- घर लौटें 5 अप्रैल को दंतेवाड़ा प्रवास पर केंद्रीय गृह मंत्री ने मंच से नक्सलियों से अपील की थी कि आप भी अपने हो मुख्यधारा में लौटकर शासन की योजनाओं का लाभ लें। शाह ने स्पष्ट संदेश दिया था अब गोलियों की भाषा बस्तर में नहीं चलेगी। अफसरों के सामने सरेंडर सोमवार को दंतेवाड़ा में 26 नक्सलियों ने डीआईजी कमलोचन कश्यप, डीआईजी सीआरपीएफ राकेश कुमार, एसपी गौरव राय व एएसपी स्मृतिक राजनाला, आरके बर्मन सहित सीआरपीएफ और पुलिस के अन्य अफसरों के सामने नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।


