जापान में 13 अप्रैल से ओसाका वर्ल्ड एक्सपो होगा। उद्घाटन समारोह में कई देशों के कलाकारों को बुलाया गया है। भारत में संगीत नाटक अकादमी ने 25 कलाकारों की टीम चुनी है, जो विभिन्न नृत्य शैलियों को प्रस्तुत करेगी। इनमें सरायकेला के चोगा गांव के प्रभात कुमार महतो भी शामिल हैं, जिन्हें मानभूम छऊ और पाइका में महारत हासिल है। प्रभात महतो पाइका नृत्य की प्रस्तुति देंगे। मंगलवार को वे दिल्ली रवाना हुए। एयरपोर्ट पर पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख ने उन्हें विदा किया। प्रभात झारखंड लोक कलाकार संघ के सचिव भी हैं। प्रभात ने बताया कि 8 से 10 अप्रैल तक दिल्ली में सभी कलाकार एक साथ रिहर्सल करेंगे। 10 अप्रैल की शाम जापान रवाना होंगे। 13 से 19 अप्रैल तक ओसाका में नृत्य प्रदर्शन करेंगे। प्रभात इससे पहले ताइवान, भूटान, हांगकांग और दुबई में अपने नृत्य का प्रदर्शन कर चुके हैं। चोगा की टीम आईपीएल में भी प्रस्तुत कर चुकी है छऊ 22 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन स्टेडियम में आईपीएल के उद््घाटन में छऊ नृत्य भी हुआ था। यह प्रस्तुति ईचागढ़ प्रखंड के छोटे-से गांव चोगा के नटराज कला केंद्र के कलाकारों ने दी थी। प्रभात महतो के नेतृत्व में इस टीम ने 2022 के आईपीएल के समापन में भी मानभूम छऊ की प्रस्तुति दी थी। छऊ नृत्य की प्रस्तुति में सुचांद महतो, सीताराम महतो, जगदीश चंद्र महतो, गणेश चंद्र महतो, श्रवण गोप, सुबोध चंद्र हजाम, दिलीप महतो, ललित महतो, अमरजीत लोहारा, बुधराम कुमार शामिल थे। क्या है पाइका नृत्य… पाइका नृत्य झारखंड का पारंपरिक लोकनृत्य है। इसमें पुरुष योद्धा की वेशभूषा में जोश-उल्लास के साथ नृत्य करते हैं। इसमें कलाकार एक हाथ में तलवार या भाला और दूसरे हाथ में ढाल लिए रहता है। मुख्य रूप से मुंडा समुदाय द्वारा इस नृत्य को किया जाता है। कलाकार पीले व गुलाबी कपड़ों में होते हैं और पैरों में हाथों से बने घुंघरू पहनते हैं। नगाड़ा, ढाक, नरसिंग व शहनाई की धुन पर नृत्य का प्रदर्शन होता है।


