लुधियाना|मॉडल टाउन में बुधवार दोपहर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां बीबीए सेकंड सेमेस्टर की 19 वर्षीय छात्रा ने कॉलेज के क्लासरूम में चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से ठीक पहले छात्रा ने अपने दोस्तों को मोबाइल पर मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था कि मेरे पास अब मरने के अलावा कोई चारा नहीं है। मैसेज मिलते ही उसके फ्रेंड्स ने कॉलेज प्रबंधन को जानकारी दी। तुरंत तलाशी शुरू हुई तो तीसरी मंजिल की एक क्लास में छात्रा को पंखे से लटकता पाया गया। मौके पर पहुंची मॉडल टाउन थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। कॉलेज ऑफिस सुपरिंटेंडेंट के अनुसार, छात्रा बीबीए की स्टूडेंट थी और आत्महत्या के कुछ देर पहले ही दोस्तों को मैसेज भेजा था। सहेलियों ने बताया कि वह बीते कुछ दिनों से परेशान थी। जांच कर रही पुलिस टीम को सुसाइड नोट नहीं मिला, मामले में थाना मॉडल टाउन एसएचओ हमराज सिंह ने बताया कि मृतक की सहेलियों, परिजनों और कॉलेज प्रबंधकों ने बताया कि लड़की पढ़ाई में कमजोर थी। इसी बात को लेकर ही वह काफी दिनों से परेशान थी। हो सकता है कि इसी वजह से ही उसने आत्महत्या कर ली है। बाकी उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवाया है। इसके साथ ही उसके फोन की जांच भी की जा रही है। वहीं मृतका के पिता ने बताया कि सुबह बेटी खुशी-खुशी कॉलेज गई थी। दोपहर को जब वह उसे लेने पहुंचे तो कई बार कॉल किया, लेकिन जवाब नहीं मिला। डॉ. पंकज, प्रो., डिपार्टमेंट ऑफ साइकाइट्री रिलेशनशिप में धोखा या ब्रेकअप अब युवाओं के लिए मानसिक तनाव बन रहा है। शहर के एक मनोचिकित्सक के पास हर दूसरे दिन ऐसे 1-2 केस पहुंच रहे हैं, जहां युवक या युवती सुसाइडल थॉट्स या अटेम्प्ट तक कर चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी उम्र में भावनाओं को संभालने की समझ नहीं होती, ऐसे में रिश्तों में असफलता जानलेवा हो सकती है। पैरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़े रहें और समय पर मानसिक सहयोग दें, वरना एक चूक जिंदगी छीन सकती है। सजगता ही बचाव का रास्ता है। समझ से पहले रिश्तों में उलझाव केस 1 : मामा ने डांटा, लड़की ने सुसाइड अटेंप्ट किया: जब मामा को भांजी के अफेयर के बारे में पता चला तो उन्होंने डांटा। मामा का यह रवैया लड़की को बेहद चुभ गया। इसी भावनात्मक दबाव में उसने सुसाइड की कोशिश की। मामला जब मनोचिकित्सक के पास पहुंचा तो उन्होंने पैरेंट्स से बातचीत कर उन्हें स्थिति समझाई। केस 2 : लड़की ने काटी हाथ की नसें : एक युवती का ब्रेकअप हुआ, जब उसे पता चला कि उसका बॉयफ्रेंड बायोसेक्शुअल है। यह बात उसे इतनी चुभी कि वह खुद को संभाल नहीं सकी और सुसाइडल अटेम्प्ट कर लिया। हाथ की नसें काट लीं। बाद में काउंसलिंग से धीरे-धीरे उसे बाहर निकाला गया। केस 3 : दो बहनों ने आत्महत्या का प्रयास किया: एक चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब एक युवक 2 सगी बहनों से रिलेशन में था। जब दोनों को सच्चाई पता चली, तो उन्होंने खुद को दोषी मानते हुए सुसाइड करने की कोशिश की। मौन नहीं, संवाद जरूरी है बच्चों के साथ खुला संवाद बेहद जरूरी है, क्योंकि मौन नहीं, संवाद जान बचा सकता है। हार्मोनल बदलाव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव को बच्चे अक्सर नहीं समझ पाते और उन पर नियंत्रण नहीं रख पाते। अगर पैरेंट्स उन्हें बिना जज किए सुनें और भरोसा दिलाएं कि वे हर हाल में उनके साथ हैं, तो बच्चे गलत कदम उठाने से बच सकते हैं।


