10 एकड़ जमीन के विवाद में अनिल टाइगर की हुई हत्या, कोलकाता के होटल में बना था प्लान

कांके चौक पर हुए इंद्रजीत कुमार अनिल उर्फ अनिल महतो उर्फ अनिल टाइगर हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने गुरुवार को मुख्य शूटर समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कांड का सूत्रधार देवव्रत नाथ शाहदेव है, जो किशोरगंज का रहने वाला है। चामगुरू मौजा में 10 एकड़ जमीन को लेकर टाइगर से देवव्रत का विवाद चल रहा था। देवव्रत ने ही अभिषेक सिन्हा उर्फ सूरज सिन्हा के माध्यम से हत्या की पूरी प्लानिंग तैयार की थी और अमन सिंह को 2 लाख में हत्या की सुपारी दी थी। देवव्रत और अभिषेक फिलहाल फरार हैं। गिरफ्तार मुख्य शूटर अमन सिंह ने पुलिस को बताया है कि 12 मार्च को कोलकाता के उलटा डांगा स्थित एक होटल में हत्या की योजना बनी थी। प्लानिंग में उसके साथ अभिषेक सिन्हा और रोहित वर्मा शामिल थे। कांड के सूत्रधार देवव्रत नाथ शाहदेव से फोन पर संपर्क कर पूरी जानकारी साझा की गई थी। 18 मार्च को वह रोहित वर्मा के साथ कोलकाता से कांटाटोली स्थित होटल पिकनिक पहुंचा। 26 मार्च को होटल अतर में चला गया, जहां रामगढ़ से लाकर अभिषेक सिन्हा ने बाइक, पिस्टल और गोली उपलब्ध कराई। उसी पिस्टल से गोली मारकर टाइगर की कांके चौक के पास हत्या की गई थी। जिसके बाद वह फरार हो गया था, जबकि उसका साथी रोहित वर्मा पकड़ा गया था। इनकी हुई गिरफ्तारी : अमन सिंह, गली नं.- 3, पुंदाग , जिशान अख्तर उर्फ जिसु, पुरानी रांची, कोतवाली, मनीष चौरसिया, किशोरगंज, सुखदेवनगर, अजय कुमार रजक उर्फ गोलु, सेकेंड स्ट्रीट, हिन्दपीढ़ी, रोहित वर्मा, राधा गोविंद स्ट्रीट, थड़पखना, लोअर बाजार। एडवांस में मिले थे 50 हजार: टाइगर की हत्या में शामिल सभी आरोपी फोन से आपस में बातचीत करने के लिए विभिन्न एप का इस्तेमाल करता था। एडवांस के तौर पर शूटर को 50 हजार यूपीआई के माध्यम से दिया गया था। मुख्य शूटर अमन ने बताया है कि हत्या की प्लानिंग में शामिल अभिषेक सिन्हा उर्फ सूरज िसन्हा ने 4 फरवरी को लोहरदगा में हुए मंगलु पासवान हत्याकांड के गवाह को मैनेज करने का प्रलोभन भी दिया था। चामगुरु मौजा के खाता संख्या-1 में प्लॉट सख्या-1704, 1705, 2240, 2245, 2246, 2247, 2248, 2249, 2241, 2243, 2244, 2268, 2270, 2265, 2266, 2267, 2269, 2278, 2279, 2280, 2281, 2282,,2283, 2284, 2289 के कुल रकबा 10 एकड़ पर किशोरगंज के बड़ा लाल स्ट्रीट पालकोट हाउस निवासी देवव्रत नाथ शाहदेव खुद की दावेदारी पेश करते हैं। उस जमीन पर गागी खटंगा के ग्रामीण भी अपनी दावेदारी पेश करते हैं। अक्सर दोनों पक्ष आमने-सामने हो चुके हैं। ग्रामीणों की तरफ से बातचीत करने के लिए टाइगर आगे आए। ऐसे में देवव्रत को लगा कि टाइगर ही उनके रास्ते में रोड़ा बन रहा है। इसके बाद उनकी हत्या का प्लान तैयार किया गया और 26 मार्च को शूटर के माध्यम से गोली मारवा दी। टाइगर के साथ वार्ता हुई थी फेल देवव्रत ने वर्ष 2023 के अगस्त महीने में जबरन उक्त जमीन पर बाउंड्री कराई थी, जिसके बाद टाइगर ने ग्रामीणों की मदद से जोरदार विरोध किया था। देवव्रत नाथ शाहदेव ने उक्त भूमि के केयर टेकर दिलीप कुमार मुंडा के माध्यम से टाइगर समेत 8 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ कांके थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। पुलिस अब भी अनुसंधान कर रही है। एफआईआर के तीन महीने बाद देवव्रत नाथ शाहदेव के पक्ष में हरमू स्थित विनोद पासवान के घर में बैठक हुई थी, जहां टाइगर भी मौजूद थे।

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