पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा पंजा साहिब (हसन अब्दाल) में हर साल खालसा साजना दिवस मनाने वाले श्रद्धालुओं को यह दिवस इस बार ननकाना साहिब में मनाना होगा। पाकिस्तान सरकार की ओर से भारतीय श्रद्धालुओं की यात्रा प्लान में ऐन वक्त पर बदलाव किए जाने के कारण भारतीय संगत को 1974 के बाद पहली बार ननकाना साहिब में यह दिवस मनाना होगा। इससे पहले हर साल श्रद्धालु गुरुद्वारा पंजा साहिब में खालसा साजना दिवस मनाते थे। नकाना साहिब यात्री जत्था के प्रधान रोबिन सिंह ने बताया कि ननकाना साहिब में 14 अप्रैल को पंजाबी बोली सम्मेलन का आयोजन पंजाब सरकार करवा रही है। अपने आयोजन को सफल और भीड़ दिखाने के लिए पाकिस्तान ने भारतीय श्रद्धालुओं के यात्रा प्लान में बदलाव किया है। इस वजह से इस बार पाक सरकार ने पहली बार 6600 श्रद्धालुओं को वीजा दिया है। इस सम्मेलन में दुनियाभर से पंजाबियों के आने की संभावना है। 6600 श्रद्धालुओं में एसजीपीसी के 1942 व ननकाना साहिब सिख यात्री जत्थे के 245 व बाकी अलग से शामिल हैं। इसके बाद संगत को दो ग्रुपों में बांट दिया गया है। एक ग्रुप में 3000 तो दूसरे में 3300 श्रद्धालु करके उन्हें अलग-अलग रूट पर भेजा जाना तय किया गया है। वीरवार सुबह अटारी-वाघा के रास्ते से संगत रवाना हो गई, लेकिन शुक्रवार को इन्हें अलग-अलग ग्रुप में अलग-अलग रूट के जरिए नननकाना साहिब भेजा जाएगा। पहला शुक्रवार को गुरुद्वारा पंजा साहिब (हसन अब्दाल) पहुंचेगा।


