बीते सितंबर माह में अति वर्षा के कारण दतिया की प्राचीन दीवार गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। दीवार गिरने के बाद से मृतकों के परिजनों का मकान घर दीवार के मलबे में दबकर तहस नहस हो गया और इसी मलबे में उनका घर गृहस्ती का समान दबा हुआ है। मलबे को हटवाने के लिए परिजन नगर पालिका अध्यक्ष से निवेदन करने के लिए नगर पालिका पहुंचे, लेकिन नगर पालिका अध्यक्ष पुत्र प्रशांत ढेंगुला परिजनों को मिले और उन्होंने उनकी गुहार सुनते ही उनसे शासन द्वारा प्राप्त हुए 28 लाख रुपए से मालवा हटवाने की बात कही। पीड़ित परिजन सिविल लाइन थाने पहुंचे और नपा अध्यक्ष पुत्र के विरुद्ध आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। उल्लेखनीय की बीते 12 सितंबर की अल सुबह रियासत कालीन दीवार अति वर्षा के कारण गिर गई थी जिसमें दबकर वंशकार जाति के 7 लोगों की मौत हो गई थी। मध्य प्रदेश शासन द्वारा संभल योजना के तहत पीड़ित परिजनों को 28 लाख की सहायता राशि स्वीकृत गई थी। जो पीड़ित परिजनों को मिली। मलबे में उनका घर गृहस्थी का सामान भी दबा हुआ है जो आज तक नहीं निकल सका है। पीड़ित परिजन जिला प्रशासन की जनसुनवाई में तक पहुंचे थे। कलेक्टर ने नगर पालिका को मालबा हटवाने के लिए आदेश दिया था। परिजन 20 दिसंबर को नगर पालिका अध्यक्ष पुत्र से मिलने पहुंचे और उन्होंने अपनी समस्या बताई तो उन्होंने समस्या को सुनकर साफ तौर से इनकार कर दिया और 28 लाख रुपए से मलबा हटाने की बात कही। जिससे व्यथित होकर पीड़ितों ने नगर पालिका अध्यक्ष पुत्र के विरुद्ध अभद्र भाषा एवं जाति सूचक शब्द बोलने को लेकर कार्रवाई हेतु सिविल लाइन थाने में आवेदन दिया।


