राजधानी में गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में पानी की डिमांड बढ़ गई है। जलदाय विभाग के अधिकारियों को दावा था कि बीसलपुर बांध पूरा भर जाने के बाद गर्मियों में लोगों को पर्याप्त पानी सप्लाई की जाएगी, लेकिन ये झूठा साबित हो रहा है। हालात यह है कि शहर की 200 से अधिक कॉलोनियों में रहने वालों के गले सूखे हैं। यहां मुश्किल से 15 मिनट भी पानी सप्लाई नहीं हो रहा है। जिन कॉलोनियों में सप्लाई हो रहा है, वहां प्रेशर से नहीं आ रहा है और पहली मंजिल पर भी नहीं पहुंच रहा। दूसरी तरफ जलदाय अधिकारी इन कॉलोनियों में एक घंटे पानी सप्लाई का दावा कर रहे हैं। यह स्थिति तब है जब अधिकारी हर दिन 535 एमएलडी पानी सप्लाई का दावा कर रहे हैं। बता दें कि शहर में बीसलपुर लाइन से 5.25 लाख से ज्यादा घरों में पानी सप्लाई होती है। इसके अलावा पृथ्वीराज नगर के उत्तरी हिस्से की कुछ कॉलोनियों को जोड़ा गया है। शेष एरिया जहां लाइनें नहीं हैं, वहां टैंकरों से सप्लाई की जाती है। अधिकारी बोले- 1 घंटे पानी सप्लाई कर रहे, नलों में 15 मिनट ही आ रहा जलदाय विभाग के अधिकारी शहर में एक घंटे पानी सप्लाई करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जगतपुरा, खोनागोरियान, इंदिरा गांधी नगर, जामडोली, सुभाषनगर, बनीपार्क, अंबाबाड़ी, चारदीवारी क्षेत्र के घाटगेट, बासबदनपुरा, हीदा की मोरी, प्रतापनगर, सांगानेर, दुर्गापुरा, मालवीय नगर, बापूनगर, महेशनगर, बरकत नगर, सिविल लाइंस, ज्योतिनगर, शांतिनगर, सिंधी कॉलोनी, आदर्श नगर, जवाहर नगर, मानसरोवर, श्याम नगर, विद्युत नगर, संजय नगर, ऑफिसर कैंपस, झोटवाड़ा, वीकेआई, विद्याधर नगर, मुरलीपुरा, शास्त्री नगर, गोपालबाड़ी और गोविंदनगर क्षेत्र की अधिकांश कॉलोनियों में कुछ देर ही पानी आता है। एक महीने पहले 20 एमएलडी सप्लाई बढ़ाई, फिर भी नहीं हो रही पूर्ति क्षेत्र में मॉनिटरिंग की जगह ऑफिसों में बैठे रहते हैं अधिकारी गर्मी बढ़ने के साथ ही अधिकारियों को क्षेत्र में मॉनिटरिंग के लिए जाना होता है ताकि लोगों की समस्या को समझें और पानी की किल्लत को दूर कर सकें, लेकिन अधिकारी क्षेत्र में होने की अपेक्षा ऑफिस और घरों में रहते हैं। शहर में अधिकतर पानी सप्लाई सुबह और शाम को होती है। इस समय अधिकारी घरों पर रहते हैं। इस वजह से किस क्षेत्र में पानी पहुंचा, किस में नहीं पहुंचा की जानकारी नहीं होती। जलदाय विभाग ने एक महीने पहले पानी की सप्लाई में 20 एमएलडी की बढ़ोतरी की थी, लेकिन तापमान 43 डिग्री तक पहुंचते ही घरों में कूलर चलने से खपत बढ़ गई है और पानी की डिमांड भी बढ़ गई। ऐसे में बढ़ा हुआ पानी सप्लाई भी पूर्ति नहीं कर पा रहा है। पिछले साल शहर में करीब 460 एमएलडी पानी सप्लाई किया जा रहा था। इसके बाद करीब 500 से अधिक कॉलोनियों को बीसलपुर पाइप लाइन से जोड़ दिया है।


