सर्दी शुरू होने से धौलपुर से गुजर रही चंबल नदी में घड़ियाल और मगरमच्छों के झुंड के झुंड निकल रहे हैं। चंबल नदी के अधिकांश घाटों पर धूप निकलने पर घड़ियाल और मगरमच्छ के कुनबे धूप का सेवन करने के लिए निकल रहे हैं। स्थानीय पर्यटक जलीय जीवों का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं, लेकिन नगर परिषद की लापरवाही की वजह से इस बार चंबल सफारी शुरू नहीं हो सकती है। चंबल नदी वर्तमान समय में जलीय जीवों से गुलजार हो रही है। अधिक सर्दी पड़ने की वजह से मगरमच्छ घड़ियाल, डॉल्फिन एवं कछुए के झुंड के धूप निकलने पर चंबल घाटों पर निकल रहे हैं। सुबह 11 के बाद जैसे ही धूप निकलना शुरू होता है, तो घाटों पर सैकड़ों की तादाद में जलीय जीवों के झुंड बाहर निकल कर आ जाते हैं। जलीय जीव विशेषज्ञ एवं फोटोग्राफर मुन्ना लाल निषाद ने बताया कि सर्दी शुरू होने के साथ ही चंबल नदी जलीय जीवों से गुलजार हो रही है। घड़ियाल और मगरमच्छ के कुनबे धूप का सेवन करने के लिए घाटों पर चहल कदमी आए दिन कर रहे हैं। सुबह धूप निकलने के बाद शाम 5 बजे तक जलीय जीवों का कुनबा चंबल के घाटों पर बालू में देखा जा रहा हैं। चंबल नदी में अधिकांश घड़ियाल, मगरमच्छ, डॉल्फिन और कछुओं की संख्या पाई जाती है। वर्तमान समय में चंबल नदी में करीब ढाई हजार से अधिक घड़ियाल, 1000 से अधिक मगरमच्छ, कछुआ एवं आधा दर्जन डॉल्फिन है। सभी जलीय जीव सर्दी के सीजन में धूप का सेवन कर रहे हैं। स्थानीय पर्यटक और जलीय जीव प्रेमी चंबल नदी पर जलीय जीवों की क्रीड़ाओं का लुत्फ उठाने पहुंच रहे है।


