कॉलोनियां बनने के बाद आज तक मेंटेनेंस नहीं:शहर की 3 दर्जन से ज्यादा बीएसयूपी कॉलोनियों में 50 हजार से ज्यादा लोग, दस साल से जल संकट, सीपेज-गंदगी से परेशान

राजधानी में करीब दस साल में बीएसयूपी की तीन दर्जन से ज्यादा कॉलोनियों में 50 हजार से ज्यादा लोगों को शिफ्ट किया जा चुका है। लेकिन इन सभी कॉलोनियों में सीपेज, गंदगी, पानी की कमी और खराब सड़कों में लोगों का जीना बेहाल हो गया है। ​किसी भी कॉलोनी में ​लोगों की​ शिफ्टिंग के बाद वहां मेंटेनेंस का काम नहीं किया गया है।
कॉलोनियों से संबंधित जोन में सभी तरह की शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। कई बार निगम मुख्यालय का घेराव भी हो चुका है। लेकिन आज तक कॉलोनियों में किसी भी तरह का मरम्मत का काम भी नहीं किया गया है। परेशान लोगों का कहना है कि कॉलोनियों के बदहाल फ्लैट में रहना उनकी मजबूरी हो गई है। पिछले हफ्ते ही रामनगर की पीएमवाय गुलमोहर कॉलोनी के सीवरेज के गड्ढे में एक नाबालिग की डूबने से मौत हो गई। इसी दिन अलग-अलग जगहों में तीन बच्चे गड्ढे में गिरे, लेकिन उन्हें बचा लिया गया। बड़ी घटना होने के बाद भी निगम वाले कॉलोनियों की जांच के लिए नहीं निकले। केवल रामनगर ही नहीं इंद्रप्रस्थ, रांवाभाठा, रायपुरा, बोरियाकला, बोरियाखुर्द, पुरैना, भाठागांव, सरोना, हीरापुर, सोनडोंगरी, कचना, कोटा, अमलीडीह समेत सभी जगहों पर जहां बीएसयूपी की कॉलोनियों हैं वहां की जांच तक नहीं की गई। इन सभी कॉलोनियों में रहने वाले रोज परेशान हो रहे हैं। रामनगर में अंधेरे से मौत
रामनगर के गुलमोहर पार्क से लगी बीएसयूपी कॉलोनी में पिछले हफ्ते नाबालिग के सीवरेज के गड्ढे में गिरने के बाद मौत हो गई थी। निगम वालों ने आनन-फानन में उस गड्ढे को तो पाट दिया। लेकिन कॉलोनी वालों का कहना है कि यह हमेशा अंधेरा छाया रहता है। इस समस्या को ठीक नहीं किया। अंधेरे की वजह से ही बच्चा गड्ढे में गिरा। कई देर तक लोगों को पता ही नहीं चला। कॉलोनी में बाउंड्रीवॉल तक पूरी नहीं की गई है। इस वजह से यह रात में बदमाशों का जमावड़ा लग जाता है। इस कॉलोनी में भी पानी की किल्लत शुरू हो गई है। निगम वाले हर साल टैंकर भेजकर पानी की सप्लाई करते हैं।
नाले-नालियां दोनों ही जाम
इंद्रप्रस्थ रायपुरा की बीएसयूपी कॉलोनी में हफ्तों तक सफाई नहीं होती है। नाले और नालियों का कचरा बाहर आकर जमा हो जाता है। गंदगी इतनी फैल रही है कि लोग बदबू से परेशान हो रहे हैं। कई बार की शिकायत के बाद सफाई कर्मचारी आते हैं। उनका कहना है कि वे रोज सफाई करने नहीं आ सकते। कचरा बढ़ने की वजह से नालियां और सीवरेज का पाइप भी चोक हो रहा है। इस वजह से घरों के पाइपलाइन से बाहर आने वाला पानी भी रुक रहा है। कॉलोनी वाले बेहद परेशान हैं, इसके बावजूद अफसर यहां झांकने तक नहीं आते हैं। एक बार शिफ्टिंग के बाद मेंटनेंस तक नहीं किया जा रहा है। बोरियाखुर्द कॉलोनी में दीवारों में दरार भास्कर टीम ने शहर की कई कॉलो​नियों का निरीक्षण किया। सभी कॉलोनियों के लोग प्रशासन और निगम के अफसरों से नाराज दिखाई दिए। बोरियाकला और बोरियाखुर्द की बीएसयूपी कॉलोनी के मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं। पिछली बरसात में कई घरों के छज्जे गिर गए। ऊपरी फ्लोर में जाने वाली सीढ़ियां कई जगह से खराब हो गई है। अभी गर्मी की शुरुआत में ही यह पानी की किल्लत भी शुरू हो गई है। इसी तरह का हाल कोटा की बीएसयूपी कॉलोनी का भी है। यहां के लोग भी सीपेज से परेशान हैं। दीवारों की परत उखड़ने लगी है। इस कॉलोनी में भी पानी की जमकर कमी है। लोगों को पानी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी बीएसयूपी कॉलोनियों में जो भी कमी है उसे दूर करेंगे। खासतौर पर बुनियादी सुविधाएं वाले कामों को पहले पूरा किया जाएगा। सफाई और पानी की समस्या क्यों आ रही है इसका रिपोर्ट लेकर तुरंत इसका निराकरण किया जाएगा। जहां मरम्मत की जरूरत होगी उसे भी कराएंगे। -विश्वदीप, कमिश्नर नगर निगम रायपुर

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