स्वास्थ्य, शिक्षा और खेलों के क्षेत्र में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने इस वर्ष बड़े स्तर पर कदम उठाए हैं। प्रशासन ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में इन तीनों क्षेत्रों के लिए कुल 150 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। इसके तहत धनास में 80 करोड़ रुपए की लागत से 80 बैड का नया अस्पताल बनाया जाएगा, वहीं 4 नए सरकारी स्कूल और चार हॉस्टल्स के निर्माण की भी योजना है। चंडीगढ़ शहर के बाहरी और घनी आबादी वाले इलाकों में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए धनास, मलोया, मनीमाजरा और सेक्टर 41 में नए स्कूल बनाए जाएंगे। इसके अलावा पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC), चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CCET) सेक्टर-26 और अन्य संस्थानों में लड़कों के लिए नए हॉस्टल बनाए जाएंगे। बनेगा हॉकी का सिंथेटिक टर्फ ग्राउंड वहीं खेलों के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाते हुए प्रशासन ने सेक्टर-18 में हॉकी के पुराने ग्राउंड पर सिंथेटिक टर्फ बिछाने का निर्णय लिया है। यह शहर का दूसरा सिंथेटिक ग्राउंड होगा, पहला ग्राउंड सेक्टर-42 में पहले से मौजूद है। अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट से इन सभी प्रोजेक्ट्स की मंजूरी पहले ही ली जा चुकी है। चीफ इंजीनियर सी. बी. ओझा ने बताया कि सभी प्रोजेक्ट्स को अन्य एजेंसियों से भी स्वीकृति मिल चुकी है और इनके काम इसी साल शुरू हो जाएंगे। शहर में बढ़ाई जाएगी इलाज की सुविधाएं धनास, मलोया, सारंगपुर और डड्डूमाजरा जैसे इलाकों की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने वहां नया अस्पताल बनाने का फैसला किया है। जैसे मनीमाजरा में लोगों के इलाज के लिए अस्पताल बनाया गया है, वैसे ही अब शहर के अन्य हिस्से में भी इलाज की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। ताकि पीजीआई और जीएमसीएच-32 पर बोझ कम हो सके। अस्पताल निर्माण कार्य इसी साल शुरू होगा और इसके लिए 80 करोड़ का बजट अलग से रखा गया है।


