माननीयो की आईसीयू विजिट के बीच बर्न वार्ड के बाहर बैठे प्रतापगढ़ के धलोट निवासी शिक्षक रामचंद्र मीणा मोबाइल में कुछ देख रहे हैं। आंखें बता रही हैं कि अभी रोकर हटे हैं। पास पहुंचे तो पता चला मोबाइल में बेटी विजिता (28) की फोटो निहार रहे हैं। पूछने पर बोले- मुझसे कहती थी। पापा, आपकी तरह टीचर बनूंगी। जयपुर में एलबीएस कॉलेज में बीएड करने आई थी। दो बहनों के साथ यहीं रह रही थी। उदयपुर से गुरुवार को परीक्षा देकर बहनों के पास घर ही आ रही थी। मालूम नहीं था कि यहां मिलेगी और वो भी इस हाल में। रामचंद्र की आवाज भारी होती गई। बोलते रहे- बस से फोन किया था कि बैठ गई हूं, सुबह पहुंचकर फोन करूंगी। हादसे से 5 मिनट पहले उसने बड़ी बहन वर्षा को फोन कर कहा था कि दीदी, बस से उतरने ही वाली हूं, पानी गर्म कर देना। जब अचानक ब्लास्ट हुआ तो सामान छोड़कर वह बस से कूद गई और आग की चपेट में आ गई। झुलसी हालात में ही उसने किसी का फोन लेकर मुझे फोन किया- पापा मेरी बस ब्लास्ट हो गई, कुछ समझ नहीं आ रहा। आप आ जाना और दीदी को बता देना। उन्होंने बताया कि दोनों बेटियां धर्मशाला में रुकी हुई हैं। उत्तर प्रदेश निवासी ट्रक चालक नरेश बेटी का नामकरण करवाकर काम पर लौटे थे यूपी के एटा निवासी नरेश बाबू (28) दो साल पहले जयपुर आए थे। पार्सल कंपनी का ट्रक चलाते हैं। ट्रक लेकर ट्रांसपोर्ट नगर की ओर जा रहे थे, तभी हादसा हुआ। भाई जालम सिंह ने बताया कि नरेश बेटी बंशी का नामकरण करवाकर अभी लौटे थे। बड़ी बेटी अंशिका (4) है। शुरू में दोनों भाई गुर्जर की थड़ी पर किराए से रहने लगे। जालम सिंह ने बताया कि भाई पूरा घर ट्रक में लेकर ही चलते थे, वो भी खाक हो गया। दस्तावेज सत्यापन को आए सोमराज, ब्लास्ट से गाड़ी के कांच टूटे तो कूदकर जान बचाई उदयपुर के विक्रम मीणा ने बताया- दोस्त सोमराज मीणा (28), मामा नरेश (36) के साथ बस से आयुर्वेद विभाग में दस्तावेज सत्यापन के लिए जयपुर आ रहे थे। विक्रम को सोमराज ने फोन पर सूचना दी। बताया कि हम दोनों ने कूदकर जान बचाई है। सोमराज के हाथ-पैरों में नीचे का हिस्सा जल गया है। घर में पत्नी हेमलता है। नरेश के पत्नी और दो बच्चे हैं। पिता रामचंद्र ने बताया कि पांच बहनों में विजिता दूसरे नंबर की है। पढ़ाई में होशियार है। मुझसे अकसर कहा करती थी- मैं आपकी तरह टीचर ही बनूंगी। आप तो बस बहनों को डॉक्टर बनाओ। रूंधे गले से बताया कि अब बेटी की यह हालत देखी नहीं जा रही। डॉक्टर कह रहे हैं कि चिंता मत करो, ठीक हो जाएगी।


