राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर गुरुवार को झारखंड प्रदेश कांग्रेस के राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के द्वारा पुराने विधानसभा के सभागार में स्वराज मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंचायत राज से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी और तीन प्रस्ताव पारित किया। इसमें मुख्य रूप से पंचायत राज प्रतिनिधियों के 29 अधिकार का हस्तांतरण, पेसा कानून 1996 अविलंब लागू करना, नगर निकायों के 18 अधिकार के हस्तांतरण के साथ अविलंब निकाय चुनाव के लिए सरकार से व्यापक स्तर पर लड़ाई लड़ने का प्रस्ताव पारित किया गया। कार्यक्रम में पूरे प्रदेश भर से आए पंचायती राज से जुड़े 120 प्रतिनिधियों को झारखंड के 25 वर्षों में पंचायती राज संस्थाओं की स्थिति की दिशा और दशा के बारे में बताया। कार्यक्रम में दयामणि बारला ने पेसा कानून 1996 को अक्षरशः लागू करने के लिए राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रयासों को सराहा एवं राजीव गांधी की दूर दर्शी सोच और आदिवासी संस्कृति पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के पूर्व अध्यक्ष एवं हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर पाठक, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित किया।


