कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री रही ममता भूपेश ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले पर बोलते हुए कहा- पुलवामा कांड में आरडीएक्स की गाड़ी कहां से आई थी, इसका पता आज तक नहीं चला। देश की इतनी सुरक्षा एजेंसियां लगी हुई हैं, लेकिन देश का आदमी सुरक्षित नहीं है। मोदीजी और अमित शाह को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए कि हम फैलियर हैं। हम लोगों की रक्षा नहीं कर पा रहे। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को मीडिया के सामने आना चाहिए। ममता भूपेश ने यह बात सीकर जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में मीडिया से वार्ता करते हुए कही। दरअसल, ममता भूपेश 28 अप्रैल को जयपुर में होने वाली कांग्रेस की संविधान बचाओ रैली की तैयारी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों की बैठक लेने आई सीकर आई थी। ममता भूपेश ने कहा- देश में संविधान की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है और आतंकवाद बढ़ रहा है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार पूरी तरह से नाकाम हो गई है। बीजेपी जातिवाद और संविधान को बदलने की बात करती है। जिसके लिए हम पूरे देश के अंदर संविधान बचाओ रैलियां कर रहे हैं। इसके तहत 28 अप्रैल को जयपुर में संविधान बचाओ रैली का आयोजन होगा। जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कांग्रेस के अनेक नेता शामिल होंगे। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश नागा द्वारा सीएम भजनलाल शर्मा को काले झंडे दिखाने पर बोलते हुए ममता भूपेश ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी कारण से परेशान है, तो वह अपना प्रतिरोध किसी भी रूप में दिखा सकता है। हम भी सरकार में रहे हैं, हमारे भी मुख्यमंत्री थे। इस तरह की घटनाएं उस समय भी होती थीं। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप किसी को गिरफ्तार कर लो। प्रजातंत्र के अंदर आप इस तरह से किसी को जबरन जेल में बंद नहीं कर सकते। अगर कोई नौजवान अपनी बेरोजगारी की बात उठा रहा है तो वह गलत नहीं है। जिला अध्यक्ष ने कोई गलत काम नहीं किया। लेकिन जो पुलिस ने किया वह दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके लिए कांग्रेस को डीजी स्तर तक बात करनी पड़ी। इसके बाद पुलिस ने माना कि यह गलत हुआ है। बाद में पुलिस ने ओमप्रकाश नागा को छोड़ दिया। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश नागा ने कहा- हमने मुख्यमंत्री को नीमकाथाना जिला व सीकर संभाग बहाल करने, छात्र संघ चुनाव बहाल करने सहित अनेक मांगों को लेकर काले झंडे दिखाए थे। लेकिन अंग्रेजी हुकूमत के शासको को यह चीज हजम नहीं हुई और हमें पुलिस प्रशासन से प्रताड़ित कराया। हमारे परिजनों को प्रताड़ित कराया गया, साथियों व उनके परिजनों को परेशान किया गया। इन्होंने पूरा जोर लगाया कि कोई भी आज के बाद काले झंडे नहीं दिखा सके। लेकिन कांग्रेस पार्टी और प्रदेश अध्यक्ष हमारे लिए लड़े। हम इसका विरोध करते रहेंगे।


