नेट-थिएट की सांस्कृतिक श्रृंखला के तहत आयोजित कार्यक्रम गेंद गजरो में सुप्रसिद्ध भजन गायक मुकेश कुमार मीणा ने अपनी मधुर और भक्तिमय प्रस्तुति से श्रोताओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। नेट-थिएट के राजेन्द्र शर्मा राजू ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत मुकेश मीणा ने प्रसिद्ध भजन “गुलाब गजरो गुलाब गजरो, मां साता बहना ने सोए गुलाब गजरो” से की। उनकी सुरीली आवाज ने जैसे ही वातावरण में गूंज भरी, दर्शक भक्ति भाव में झूम उठे। इसके बाद मीणा ने अर्जी पर गयजी माता महे करा कठै तो लगाई इतनी जगदंबा म्हारी मां को जैसे भजनों को अत्यंत सजीवता और भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। उन्होंने राजस्थान का लोकप्रिय भजन इंदरगढ़ वाली बाया का चाले बिवाण पावा में घुंघरू भी बड़े भाव और समर्पण से गाकर अपनी उत्कृष्ट गायकी का परिचय दिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में उन्होंने है जी म्हारो या मर्दानो भेष मारवाड़ रो देस और डिग्गी दीनानाथ बिराजै सा अम्बा ए मोरी देश धणो ढूंढाड़ जैसे ऊर्जावान और भक्तिपूर्ण भजनों के जरिए दर्शकों को अभिभूत कर दिया। इस संगीतमय संध्या में मीणा के साथ हारमोनियम पर प्रसिद्ध कलाकार रतनलाल गठारिया और तबले पर बरकत खान और बरकत हुसैन ने अपनी शानदार संगत से कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया। बरकत हुसैन की तबले पर उंगलियों की जादूगरी ने पूरे माहौल को संगीतमय कर दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में नवल डांगी (कार्यक्रम संयोजक), प्रकाश मनोज स्वामी (प्रकाश व्यवस्था), मिहिजा शर्मा (कैमरा संचालन), और विनोद सागर गढ़वाल (संगीत समन्वयक) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मंच सज्जा की जिम्मेदारी अंकित शर्मा नोनू और जीवितेश शर्मा ने संभाली।


