जिपं: 70550 आवेदन मिले, 25 दिन में निराकरण का दावा

भास्कर न्यूज | कवर्धा जिले में सुशासन तिहार अंतर्गत जिला पंचायत स्तर पर कुल 70 हजार 550 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन सभी आवेदनों को 5 मई से पहले निराकरण करने का दावा जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। लेकिन इनमें 70 प्रतिशत से अधिक आवेदन मांग व शिकायत संबंधित है। ऐसे में समय पर सभी आवेदनों का निराकरण करने का दावा कारगर नहीं हो सकता है। पूर्ण रुप से मांगों को पूरा करने में ही छह माह से अधिक का समय लग सकता है। पहले चरण 8 से 11 अप्रैल तक आवेदन लिए गए थे। अब इन आवेदनों की जांच शुरू हो गई है। इसे लेकर जिपं सीईओ ने वर्चुअल बैठक के माध्यम से पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्राप्त आवेदन की समीक्षा की। जिले के जपं बोड़ला अंतर्गत 23 हजार 387, जपं कवर्धा में 18 हजार 548, जपं पड़रिया में 16 हजार 297 व जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा में 12 हजार 318 समेत कुल 70 हजार 550 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों का निराकरण समय पर करने का दावा किया जा रहा है। बैठक में सीईओ अजय त्रिपाठी ने शिकायत पर नियमानुसार जांच कर कार्रवाई करने वर्चुअल बैठक में कहा। बैठक में उपसंचालक पंचायत राज तिवारी, जिला समन्वयक जितेंद्र सिंह ठाकुर, सभी जनपद पंचायत से संबंधित सीईओ व कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित थे। ग्रामीणों को देनी होगी आवेदन की जानकारी 5 मई से प्रस्तावित समाधान शिविर के पूर्व सभी आवेदनों का निराकरण कर ऑनलाइन एंट्री दर्ज करने कहा गया है। सीईओ ने कहा कि समाधान शिविर में आने वाले ग्रामीणों को आवेदनों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। कहा कि तीसरे चरण में 5 से 31 मई तक प्रत्येक 8 से 15 ग्राम पंचायत के मध्य समाधान शिविर का आयोजन होगा। आवेदकों को उनके आवेदन की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। बताया गया कि शिविर के तारीख की सूचना एसएमएस व पावती पर्ची के माध्यम से आवेदक तक पहुंचाई जाएगी। योजना की जानकारी भी नागरिकों को दी जाएगी जिन मामलों का समाधान शिविरों में संभव होगा, उनका वहीं त्वरित निराकरण किया जाएगा। शेष मामलों का निराकरण एक माह के भीतर किया जाएगा। समाधान शिविरों में न केवल समस्या का समाधान किया जाएगा, बल्कि विभिन्न योजना की जानकारी भी नागरिकों को दी जाएगी। आवश्यकता अनुसार नए आवेदन प्रपत्र भी वितरित किए जाएंगे। ऐसे आवेदक जिसका निराकरण किया जाना संभव न हो अथवा अपात्रता की श्रेणी में हो, ऐसे आवेदनों को अस्वीकृत करने संबंधी प्रमुख कारणों का उल्लेख करते हुए आवेदक को अवगत कराएंगे।

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