रांची | ब्रह्मनाद आर्ट एंड सोल फाउंडेशन ने इस्पात क्लब, डोरंडा में शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत रांची की रश्मि तिवारी के गौर सारंग बंदिश से की। उन्होंने भजन भी पेश किया, तबला वादक कुणाल दुबे, हारमोनियम में डॉ मनीष कुमार ने ताल दिए। संगीत संध्या की दूसरी पेशकश के तौर पर कोलकाता की रूपाश्री भट्टाचार्या ने हारमोनियम पर राग हमीर के साथ याद पिया की आये ठुमरी पेश किया। तबले पर संगत कोलकाता के ही विख्यात तबला वादक विश्वजीत पाल ने दिया। अगली प्रस्तुति खड़गपुर की नबोनीता मंडल ने राग मारू बेहाग की प्रस्तुति दी। इनके द्वारा माज खमाज में ठुमरी भी पेश की गई, जिसमें तबले पर संगत प्रद्युत पाल और हारमोनियम पर डॉ. मनीष कुमार ने ताल से ताल मिलाए। अंतिम प्रस्तुति कोलकाता के सितार वादक सुप्रतिक सेनगुप्ता की रही। तबले पर इनका साथ विश्वजीत पाल ने दिया। राग बागेश्री आधारित इस मोहक प्रस्तुति को लोगों ने खूब सराहा। शास्त्रीय संगीतकार पं. श्यामा प्रसाद नियोगी व पंडित ब्रिज किशोर तिवारी को सम्मानित किया गया।


