भास्कर न्यूज | जालंधर पहलगांव में आतंकी हमले के मृतकों को जालंधर के व्यापारियों ने मंगलवार को नमन किया। इस दौरान आतंकवाद का पुतला जलाया गया। सोढल चौक में मोमबत्तियां जलाईं गईं। शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। जालंधर ट्रेडर्स एंड मेन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन मंगलवार को (जेटीएमए) के मंच पर व्यापारी एकत्रित हुए थे। संगठन के प्रधान संजीव ढींगरा ने कहा कि पहलगांव में हुए इस आतंकवादी हमले के जिम्मेदारों को सबक सिखाना जरूरी है। उन्होंने कहा अगले महीने श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली हैं। उसके लिए पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। संगठन के कन्वीनर गुरशरण सिंह ने कहा कि सभी देशवासियों और राजनीतिकों को पार्टी न देखकर एक जुट हो जाना चाहिए। ये हमारे देश का सवाल है। इस दौरान भुपिंदर कालरा, नवीन शर्मा, चंदन अरोड़ा, ऐ एस राजपाल, जसविंदर सिंह, पवन कुमार, राजकुमार शर्मा, दिनेश वर्मा, पंकज खन्ना, अजय हांढा, मुकेश अग्रवाल, जौली बेदी, जसपाल सिंह, सुरिंदरपाल, भगवंत प्रभाकर, विकास खन्ना, हरदीप सेंबी, जयपाल शौरी, नवीन शौरी, बलजीत सिंह, नवीन जगी, विशाल, सुभाष शर्मा, ध्रुव गुप्ता, राजन ढींगरा, राहुल जोशी, कमल बहल, एएस चड्ढा, हनु, मंदीप कुमार, सुमित मोर्या, राजेश शर्मा, राकेश शर्मा शामिल रहे। जालंधर| खेल सामान विक्रेताओं ने सोमवार को मीटिंग की। इसमें व्यापार पर दोहरे संकट का मुद्दा उठाया। खेल उद्योग संघ ने कहा कि कश्मीर में आतंकी हमले के बाद माहौल बना है, उससे जालंधर की खेल सामान इंडस्ट्री का बड़ा नुकसान हो रहा है। दूसरी तरफ पंजाब का जीएसटी विभाग लगातार सर्वेक्षणों और जांच का माहौल बना रहा है, जिससे व्यापारी डरे हैं। खेल उद्योग संघ की सालाना सभा डल्हौजी में की गई है। इसमें व्यापारी मुद्दों पर 5 घंटे मंथन हुआ है। खेल उद्योग संघ पंजाब के कन्वीनर विजय धीर, सह कन्वीनर प्रवीण आनंद एवं सह कन्वीनर रमेश आनंद की अगुवाई में 75 मेंबरों पर आधारित संघर्ष समिति की मीटिंग बुलाई गई थी। सालाना बैठक में 3 एजेंडे रखे गए थे। धीर ने कहा कि जिस प्रकार राज्य सरकार द्वारा जीएसटी विभाग के अधिकारियों को कारोबारी एवं व्यापारी वर्ग को तंग करने के लिए असीमित अधिकार दे दिए गए हैं, ये कारोबारी माहौल के लिए ठीक नहीं हैं। प्रदेश सरकारी इंस्पेक्टरी राज को बढ़ावा दे रही है। जालंधर का बैट कारोबार कश्मीर पर निर्भर है, लेकिन पहलगाम हमले को लेकर कारोबारी डरे हुए हैं। मीटिंग में विकास जैन, प्रेम उप्पल, शाम सुंदर महाजन, विपन परींजा, ललित साहनी, संदीप गांधी, संजय मेहंदीरता, अरविंद खन्ना, बाल किशन, विश्वास चतरथ, नंद किशोर सभरवाल मौजूद रहे।


