कोंडागांव के चांदागांव में एक नाबालिग लड़की का विवाह रोका गया है। जिला प्रशासन को जैसे ही बाल विवाह की सूचना मिली, मिशन वात्सल्य, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, राजस्व और चाइल्ड लाइन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने जब दस्तावेजों की जांच की तो पाया कि लड़की की उम्र 17 साल और लड़के की उम्र 20 साल है। यह दोनों की उम्र विवाह की कानूनी सीमा से कम थी। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के बारे में समझाया। उन्हें इससे जुड़े दंड प्रावधान और दुष्परिणामों की जानकारी दी। समझाने के बाद परिजन विवाह टालने को तैयार हो गए। दोनों पक्षों को दी गई कानूनी चेतावनी गांव के लोगों, परिजनों और बुजुर्गों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया। दोनों पक्षों को कानूनी चेतावनी दी गई। परिवारों ने लिखित में सहमति दी कि वे कानूनी उम्र पूरी होने के बाद ही विवाह करेंगे। इस कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी नरेंद्र सोनी, फरसगांव के तहसीलदार जयप्रकाश नाग, परियोजना अधिकारी सुनीता शर्मा, सहायक उप निरीक्षक किशोर प्रजापति, संरक्षण अधिकारी गजेंद्र पटेल, विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी सौरभ तिवारी और चाइल्ड लाइन के राकेश चक्रधारी शामिल थे। सरपंच और ग्राम पंचायत के सदस्य भी मौजूद रहे।


