पंजाब में पाकिस्तान बॉर्डर पर कंटीले तारों के दूसरी तरफ खड़ी फसलों को 2 दिन में काटने के आदेश को अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर (DC) ने फर्जी बताया है। उन्होंने कहा है कि BSF की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। DC साक्षी साहनी ने कहा है कि इस संबंध में उनकी BSF के IG से बातचीत हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि BSF की ओर से गांवों में ऐसी कोई अनाउंसमेंट नहीं करवाई गई। उन्होंने लोगों से अपील भी की है कि ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें। इससे पहले, गुरुद्वारे का एक वीडियो सामने आया था, जिसे अमृतसर बॉर्डर से सटे गांव बरोपाल का बताया गया। उसमें गुरुद्वारे से यह घोषणा करवाई जा रही थी कि 2 दिन के अंदर किसान गेहूं की फसल काट लें। इसके बाद गेट बंद कर दिए जाएंगे। हालांकि, इसकी पुष्टि दैनिक भास्कर नहीं करता है। इसके अलावा, जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पंजाब से सटे पाकिस्तान के बॉर्डर पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर हैं। वहीं, अमृतसर के अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तानी नागरिकों का देश लौटने का सिलसिला जारी है। अटारी बॉर्डर से पहले लगाए गए नाके पर जाम लगा हुआ है। BSF की टीमें चेकिंग के बाद ही लोगों को आगे जाने दे रही हैं। सरकार ने लौटने का 27 अप्रैल तक का समय दिया है। वहीं, मेडिकल वीजा वालों को 29 अप्रैल तक देश छोड़ने को कहा गया है। इधर, पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में अमृतसर के व्यापारियों ने बाजार बंद रखे। इनमें शास्त्री मार्केट, गग्गू मंडी, सर्राफा बाजार, कटड़ा जैमल सिंह, कटड़ा आहलूवालिया, प्रताप बाजार, गोयंका मार्केट, पुरानी मंडी, फोकल पॉइंट भी शामिल हैं। 16 मार्केट एसोसिएशनों के सदस्यों ने हॉल गेट पर पाकिस्तान का पुतला जलाया। अमृतसर में प्रदर्शन की 2 तस्वीरें…


