भास्कर न्यूज | बालोद शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पहले चरण में मिले 2004 आवेदनों का सत्यापन नोडल अधिकारियों के माध्यम से पूरा हो चुका है। शिक्षा विभाग के अनुसार कुल 2004 में से 1344 आवेदन पात्र मिले हैं। वहीं 660 आवेदन अपात्र हैं। दस्तावेज अधूरा, सही जानकारी नहीं भरने की वजह से अपात्र की श्रेणी में अधिकांश आवेदकों को रखा गया है। पात्र आवेदनों के आधार पर लॉटरी एवं सीटों के आवंटन के लिए 5 व 6 मई की तारीख तय की गई है। इस संबंध में लोक शिक्षण छत्तीसगढ़ नवा रायपुर के संचालक ने कलेक्टर, डीईओ को पत्र जारी किया है। जिसके अनुसार स्कूल दाखिला प्रक्रिया 7 से 30 मई तक प्रस्तावित है। नोडल के माध्यम से पहले सत्यापन कार्य के लिए 25 अप्रैल अंतिम तिथि निर्धारित थी। जिसे बढ़ाकर 30 अप्रैल किया गया था। निर्धारित समय में जिले के 166 निजी स्कूलों में नर्सरी, केजी वन व कक्षा पहली में प्रवेश के लिए पहले चरण में कुल 2004 आवेदन मिले थे। शिक्षा विभाग के अनुसार 166 निजी स्कूलों में नर्सरी, केजी वन, कक्षा पहली के कुल 1326 सीटें हैं। अंतिम तिथि पहले की तरह 30 मई तय है लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक की ओर से जारी संशोधित शेड्यूल अनुसार पहले चरण में 5 मई के बजाय अब 7 मई से दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि अंतिम तिथि पहले की तरह 30 मई तय है। निर्धारित समय में आवेदन मिलने के बाद नोडल अधिकारियों ने 17 मार्च से सत्यापन कार्य शुरू किया था। पहले चरण की प्रक्रिया समाप्त होने के दो दिन बाद दूसरे चरण के तहत प्रक्रिया की शुरूआत 2 जून से होगी। विभागीय जानकारी अनुसार आंगनबाड़ी में पढ़ रहें बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने पालकांे ने आवेदन किया है। लॉटरी जारी होने के बाद स्पष्ट होगा कि कितने बच्चों को पहले चरण में प्रवेश लेने का मौका मिलेगा। हर वर्ष 1000 से अधिक बच्चे प्रवेश ले रहे आरटीई के तहत वर्ष 2020-2021 से हर साल एक हजार से ज्यादा बच्चे निजी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। दो साल पहले जिले के 168 निजी स्कूलों में 1104 बच्चों ने प्रवेश लिया था। तब यह स्थिति 13 साल में पहली बार बनी थी। तीन साल पहले 162 निजी स्कूलों में कुल 1056 बच्चों ने प्रवेश लिया था। वहीं 2020 में 1016 बच्चों को प्रवेश मिला था। इस लिहाज से औसतन एक हजार से ज्यादा बच्चों को हर साल निजी स्कूलों में दाखिला मिल रहा है। शिक्षा विभाग के अनुसार इस बार भी सीटांे के आवंटन अनुसार प्रवेश के लिए पात्र बच्चों व पालकों को सूचना दी जाएगी कि उन्हें कब कौन से स्कूल में पहुंचना है।


