भास्कर न्यूज | कवर्धा शहर के पुराने पुलिस लाइन ग्राउंड में ग्रीष्मकालीन वालीबॉल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 25 अप्रैल से शुरू हुआ, जो अगामी दिनों तक जारी रहेगा। प्रशिक्षण सुबह 5.30 से 8 बजे तक व शाम 5 से रात 8 बजे तक दिया जा रहा है। जहां प्रतिदिन 70 से अधिक बच्चे शामिल हो रहे हैं। जिला वालीबॉल संघ द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण में आने वाले दिनों में संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। खिलाड़ियों को सर्विंग, पासिंग, सेटिंग, ब्लॉकिंग, डिगिंग और हिटिंग के बारे में सामान्य जानकारी देने के साथ ही अभ्यास भी कराया जा रहा है। जिला वालीबॉल संघ के सज्जू खान व कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि विगत कई वर्ष से संघ जिले के खिलाड़ियों को वालीबॉल प्रशिक्षण निशुल्क दे रहा है। साथ ही सामान्य दिनों में भी सुबह व शाम के समय खिलाड़ी प्रैक्टिस करते हैं। इस सत्र में 25 अप्रैल से प्रशिक्षण शुरू हुआ है। जहां सुबह खिलाड़ियों का वार्मअप कराने के साथ ही प्रशिक्षण शुरू होता है। नए खिलाड़ियों को कोच की देखरेख में सीनियर खिलाड़ी खेल की बारीकी सिखाते हैं। साथ ही खेल के दौरान शरीर को स्वास्थ्य रखने व विटामिन, प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए सीख दी जाती है। प्रशिक्षण में कवर्धा के अलावा बोड़ला, समनापुर, महाराजपुर, पोडी, सिंघनपुरी सहित आसपास के गांवों से भी युवा पहुंचते हैं। गेंद को बचाकर पास करना और उसे पूरी ताकत से मारना सिखाया जा रहा बालीवॉल प्रशिक्षण में खिलाड़ियों को सही लैंडिंग तकनीक भी सिखाई जा रही है। वहीं सीनियर खिलाड़ियों को ताकत और गति बढ़ाने के लिए विशेष अभ्यास कराए जाते हैं। कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि खिलाड़ियों को सर्विंग में गेंद को नेट के पार भेजने, पासिंग में गेंद को नियंत्रित कर साथी खिलाड़ी तक पहुंचाने, सेटिंग में गेंद को ऊपर उठाकर हिटिंग की जानकारी दे रहे हैं। सज्जू खान ने बताया कि इसके अलावा ब्लॉकिंग में नेट पर खड़े होकर विरोधी के हिट को रोकने, डिगिंग में फर्श से गेंद को बचाकर पास करने व हिटिंग में गेंद को तेज और ताकत से मारना सिखाया जा रहा है। हर साल निकलते हैं नेशनल और स्टेट खिलाड़ी, चंदा कर खरीदते हैं सामग्री जिले में बालीवॉल संघ सबसे पुराने खेल संघ में शामिल है। इसमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, डॉ एके श्रीवास्तव सहित कई दिग्गज भी संघ का हिस्सा रह चुके हैं। यहां के प्रशिक्षण की बदौलत ही अब तक 1 हजार से अधिक नेशनल व स्टेट खिलाड़ी यहां से निकल चुके हैं। वहीं हर साल 5 से 10 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व भी करते हैं। संघ के पदाधिकारी खेल सामानों के लिए अकसर सदस्यों में से ही पैसा एकत्रित कर खरीदी करते है। हालांकि समय समय पर विधायक, मंत्री व स्थानीय स्तर पर भी सहयोग मिलता है।


