भास्कर न्यूज | कवर्धा कवर्धा में रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैब खुलेगा। इससे यहां पुलिस विभाग के फारेंसिक नमूनों की जांच जल्द ही शुरू हो जाएगी। इसके लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट का अलग से सेटअप रहेगा। कबीरधाम पुलिस को जांच के लिए सैंपल रायपुर या दुर्ग नहीं भेजना पड़ेगा। फॉरेंसिक साइंस लैब के लिए शासन से मंजूरी मिल चुकी है। फॉरेंसिक लैब और स्टाफ क्वार्टर डेवलप करने के लिए करीब 5 एकड़ जमीन चाहिए। कबीरधाम पुलिस ने जमीन आवंटन के लिए कलेक्टर को चिट्ठी लिखी है। हालांकि, अभी जमीन आवंटित नहीं हुआ है। फारेंसिक लैब खोलने को लेकर दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी हो गई है। बताया जा रहा है कि जमीन आवंटन होने, लैब और आवासीय परिसर बनने तक कांग्रेस कार्यालय से लगे पुराने जनपद कार्यालय में फॉरेंसिक साइंस लैब शुरू हो जाएगी। एएसपी पुष्पेंन्द्र बघेल का कहना है कि कवर्धा में रीजनल फॉरेंसिक लैब के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। जमीन आवंटन के लिए पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही सिकी मंजूरी मिलेगी और जमीन आवंटन के बाद भनव के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बारे में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक साइंस लैब में अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध रहेंगे। केमिस्ट्री सीरोलॉजी, बॉयलॉजी, क्राइम सीन और नारकोटिक्स से जुड़ी जांचों की व्यवस्था होगी। क्रिमिनल केस को साल्व (हल) करने में वैज्ञानिक साक्ष्यों से होगी। फॉरेंसिक लैब का क्षेत्रीय कार्यालय खुलने से विशेष तौर पर आपराधिक घटनाओं की गुत्थी त्वरित गति से सुलझाने में पुलिस अधिकारियों को मदद मिलेगी। कवर्धा पुलिस अभी किसी भी आपराधिक मामले में फॉरेंसिक नमूनों को रायपुर या दुर्ग के लैब भेजते हैं। दोनों जगहों पर कई जिलों के सैंपल आते हैं, जिससे वहां जांच में देरी होती है। कवर्धा पुलिस के भेजे गए सैंपल ही रिपोर्ट आने में ही 25 दिन से 1 महीने तक लग जाते हैं। इससे आपराधिक मामलों की जांच में देरी होती है। इससे बड़ी राहत मिलेगी। कवर्धा में रीजनल फॉरेंसिक लैब खुलने से पड़ोसी जिले भी कवर करेंगे। कवर्धा में खुलने वाले फॉरेंसिक लैब में यहां के सैंपल तो जांचें जाएंगे ही, बेमेतरा, मुंगेली, खैरागढ़ और मानपुर-मोहला कवर किए जाएंगे। इन जिले के आपराधिक घटनाओं में वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ शीघ्र रिपोर्ट मिलेगी।


