पंजाब के फरीदकोट जिले में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रांतीय अध्यक्ष और संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक के सीनियर नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने एक बार फिर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। डल्लेवाल ने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार द्वारा देश के ताजा हालात का हवाला देकर किसान संगठनों से आंदोलन स्थगित करने का आग्रह किया जा रहा है। आरोपियों को बचाने की कोशिश वहीं दूसरी तरफ शंभू व खनौरी बॉर्डर के मोर्चों से किसानों का सामान चोरी करने वाले और चोरी करवाने वाले आरोपियों को बचाने की कोशिशें की जा रही है। इसके अलावा जेलों में बंद किए गए किसान नेताओं को भी रिहा नहीं किया जा रहा। ऐसे हालात में किसान संगठनों के सामने संघर्ष के अलावा कोई और रास्ता दिखाई नहीं पड़ रहा। डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने राज्य को पुलिस स्टेट बना दिया और आवाज उठाने वालों को डंडे से दबाया जा रहा है। मोर्चे जबरन खत्म करवाए उन्होंने कहा कि किसानों के मोर्चे जबरन खत्म करवाए। वहां से किसानों का सामान चोरी हुआ। जिसमें आप विधायकों तक के सामने नाम आए, लेकिन अभी तक ना तो किसानों का सामान चोरी करने वाले आरोपियों पर कोई कार्रवाई की गई और ना ही किसानों के हुए नुकसान की कोई भरपाई की जा रही है। मामले को लेकर जब संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक ने शंभू थाने के घेराव का फैसला किया, तो सरकार ने पुलिस की मदद से किसान नेताओं को घरों ने नजरबंद किया और कई नेताओं को जेल भेज दिया, जिन्हें अभी तक रिहा नहीं किया जा रहा। मौजूदा हालात में किसान एक साथ किसान नेता डल्लेवाला ने कहा कि देश के ताजा हालातों से वह भी भलीभांति परिचित है और हरेक किसान भी देश के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि किसान संगठन अपने आंदोलन को स्थगित करने के लिए भी तैयार है, लेकिन उससे पहले राज्य सरकार को जेलों में बंद किसान नेताओं को तुरंत रिहा करना चाहिए। साथ ही किसानों के चोरी हुए सामान की भरपाई करते हुए आरोपियों पर भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।


