सिटी रिपोर्टर | रांची बाजारटांड़ स्थित दुकानों के किराया विवाद के समाधान और मास्टर प्लान 2037 के लैंड यूज में संशोधन में हो रहे विलंब पर चिंता व्यक्त करते हुए अध्यक्ष परेश गट्टानी के नेतृत्व में झारखंड चैंबर के प्रतिनिधिमंडल ने नगर प्रशासक संदीप कुमार सिंह से विभागीय कार्यालय में मुलाकात की। कहा गया कि वर्षों से इस समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कतिपय कारणों से निगम द्वारा अब तक इस दिशा में पहल नहीं की गई है। चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी ने सुझाया कि निगम द्वारा किराया समाधान के रूप में लोकप्रिय योजना लाकर दुकानों को रेगुलराइज करने की पहल की जाए। इससे निगम को भी राजस्व मद में करोड़ों रुपए की प्राप्ति होगी। मास्टर प्लान के लैंड यूज में संशोधन के लिए शहरवासियों द्वारा दिए गए सुझाव पर कार्रवाई नहीं होने से भू-मालिकों के समक्ष हो रही कठिनाइयों पर भी प्रतिनिधिमंडल ने चिंता जताई। यह कहा कि इन संशोधनों के बिना भू-मालिक अपनी भूमि का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। नगर प्रशासक संदीप कुमार सिंह ने जल्द ही दोनों मुद्दों पर उच्चाधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित कर अग्रतर कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। प्रतिनिधिमंडल में चैंबर महासचिव आदित्य मल्होत्रा, आरएमसी उप समिति के चेयरमैन अमित शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, रोहित पोद्दार और पूर्व अध्यक्ष मनोज नरेडी शामिल थे। बरसात के मौसम में शहर में होने वाले जल-जमाव पर चिंता व्यक्त करते हुए आरएमसी उप समिति के चेयरमैन अमित शर्मा ने कहा कि प्रत्येक वर्ष इस कठिनाई से शहरवासियों को जूझना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बरसात के समय सेवा सदन पथ का दूषित पानी और वर्षा जल निकासी की उपयुक्त सुविधा नहीं होने के कारण इस क्षेत्र में अवस्थित दुकानें और घर जलमग्न रहते हैं, जिससे इस क्षेत्र में निवास कर रहे लोगों को काफी असुविधा होती है। प्रतिनिधिमंडल के आग्रह पर नगर प्रशासक ने मौके पर ही अधिकारियों को शनिवार से ही बड़ा तालाब क्षेत्र में जल जमाव की समस्या के निदान के लिए कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।


