भास्कर न्यूज | राजनांदगांव ग्राम पंचायत पार्रीकला के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि ज्ञानदास रामटेके पर ग्राम पंचायत के कार्यों में बड़ी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्राम विकास समिति ने ग्रामीणों की उपस्थिति में बैठक बुलाने मांग की है। उन्होंने आरोप लगाते कहा है कि ज्ञानदास ने पहले यह आश्वासन दिया था कि ग्राम सभा में वह पंचायत द्वारा कराए गए सभी कार्यों का हिसाब देगा। लेकिन 6-7 माह बीतने के बाद भी आज तक कोई बैठक नहीं हुई। इस बीच नए सरपंच और पंचों का चुनाव संपन्न हो गया। नए पंचवर्षीय कार्यकाल में सरपंच के शपथ ग्रहण के बाद भी ज्ञानदास ने नहीं हिसाब दिया, न प्रभार सौंपा। कई बार पंचायत में बुलाने पर वह नहीं आया। मोबाइल बंद कर देता है। यह स्थिति चार-पांच बार हो चुकी है। अंततः सचिव और ग्रामवासियों की उपस्थिति में एकतरफा प्रभार सौंपा गया जिसके चलते विकास कार्यों में बाधा आ रही है। नव निर्वाचित सरपंच कामनी अरूण आंबिलकर, उप सरपंच दीपक साहू, समस्त पंच, देवीलाल, सूरज मानिकपुरी सहित अन्य ने जांच एवं कार्रवाई की मांग की है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में गड़बड़ी वर्तमान सरंपच, पंच और ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल में वार्ड नंबर 1 में मुरुम समतलीकरण में गड़बड़ी हुई। सूचना बोर्ड में 5 लाख की स्वीकृति और 22 फरवरी 2024 की पूर्णता तिथि लिखी थी। बाद में किसी बाहरी व्यक्ति ने इसे बदलकर 6 लाख और 15 जनवरी 2025 कर दिया। ज्ञानदास ने भांजे के नाम फर्जी बिल से राशि निकाली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में 7-8 लाख की गड़बड़ी उजागर हुई। पुराने गौठान के पास सीसी करण में अनुमान से अधिक राशि दिखाई गई। बिना पंचायत प्रस्ताव के कुछ लोगों को आबादी या आवास पट्टा दिया गया। पूर्व पंच अरुण एवं अन्य ग्रामवासी इस पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


