भास्कर न्यूज | जालंधर साउथ इंडियन वेलफेयर सोसायटी काजी मंडी की ओर से 66वां वार्षिक अग्नि परीक्षा महोत्सव 11 मई को श्रद्धापूर्वक आयोजन किया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में शनिवार को मंदिर परिसर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन कर की। इसके बाद भक्तों ने दरबार में माथा टेककर शोभायात्रा को रवाना किया। भक्तों ने बैंड-बाजों और संकीर्तन कर इलाके से शोभायात्रा निकाली। दरबार में पंडितों ने मां मारी अम्मा की आरती की। वहीं दूसरी ओर भक्तों ने मां की प्रतिमा के आगे माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से चल कर काजी मंडी, किशनपुरा रोड, संतोषी नगर से होते हुए मंदिर में ही आरती के बाद ही समाप्त हुई। पूरे रास्ते भक्तों ने भजनों का गुणगान कर भक्तिमय माहौल बनाया। मंदिर के आसपास मेले के रूप में दुकानें सजी हुईं थीं। वार्षिक मेले के समापन समारोह में कई श्रद्धालु नंगे पांव अंगारों पर चल अग्नि परीक्षा देते हैं। प्रबंधकों ने बताया कि शनिवार को भक्तजनों ने मां का अभिषेक भी किया गया। मंदिर के पुजारी कनेडी ने बताया कि वह पिछले 36 वर्षों से मंदिर में पुजारी के रूप में सेवा कर रहे हैं। मंदिर हमारे बुजुर्गों के समय का बना हुआ है। इसमें स्थापित मां मारी अम्मा की दिव्य मूर्ति भी विशेष तौर पर तमिलनाडु से पूरी श्रद्धा के साथ लाई गई थी। पलनी स्वामी ने बताया कि 11 मई को मां मारीअम्मा का वार्षिक मेला श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है। लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते धार्मिक आयोजनों के समय में बदलाव किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले अग्नि परीक्षा का समय शाम सात बजे था। लेकिन ब्लैकआउट की वजह से अग्नि परीक्षा को दोपहर तीन बजे से विधिवत शुरू की जाएगी। सुबह नौ बजे आरती, दोपहर एक बजे अलग-अलग प्रकार के व्यंजनों का लंगर और दोपहर तीन बजे अग्नि परीक्षा होगी। यहां पलनी स्वामी, शिवा, राजा, मन्नी, विवेक, कृष्णा, शिवराज, मारीअप्पा, मुरगेश, मुरगा, सुभाष, कार्तिक, शक्ति, स्वामी नाथ व अन्य लोग उपस्थित रहे। कलश यात्रा निकालते हुए श्रद्धालु। मां मारी अम्मा के दरबार में श्रद्धालु आरती के दर्शन करते हुए। विद्वान मां का जल से अभिषेक करते हुए।


