भास्कर न्यूज | अमृतसर फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित पॉश कॉलोनी अकाश एवेन्यू की संगत ने हंगामे के बीच गुरुद्वारा पातशाही दसवीं अकाश एवेन्यू की नई प्रबंधक कमेटी का गठन कर हरदीप सिंह बोपाराय को प्रधान घोषित कर दिया। दूसरी तरफ, प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान गगनदीप सिंह ने हरदीप सिंह की नियुक्ति को मर्यादा व परम्पराओं के विपरीत करार देते हुए मामले को श्री अकालतख्त साहिब ले जाने की बात कही। रविवार को गुरुद्वारा साहिब में संगत ने पाठ के भोग के बाद गगनदीप सिंह को प्रधान पद का त्याग करने को कहा, मगर विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह के करीबी गगनदीप सिंह की ओर टाल मटोल करने पर दोनों गुटों में गुरुद्वारा परिसर में बहस शुरू हो गई। गगनदीप ने सिख स्टूडेंट फैडरेशन प्रधान अमरबीर सिंह ढोट, श्री अकाल तख्त साहिब के ग्रंथी बलवंत सिंह और निहंग जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर संगत को ऐसा न करने के लिए समझाने का प्रयास किया। गगनदीप ने कहा कि उन्हें जानकारी दिए बिना न सिर्फ नई गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन कर दिया गया है बल्कि उन्हें बेवजह पद से हटाया जा रहा है जबकि दूसरे गुट के सदस्यों सुखदेव सिंह, हरजिंदर सिंह, परमजीत सिंह, हरचरन सिंह ने कहा कि गगनदीप सिंह 16 साल से प्रधान पद पर चिपके हुए हैं। 4 मई को ही नई कमेटी के गठन का फैसला कर उन्हें पद से हटने के लिए कह दिया गया था लेकिन गगनदीप ने संगत के फैसले के समक्ष झुकते हुए इसे लेकर इस्तीफा देना जरूरी नहीं समझा। नतीजतन संगत ने नए प्रधान के चयन के लिए हरदीप सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा तथा मौके पर मौजूद 82 से अधिक श्रद्धालुओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर हरदीप सिंह बोपाराए को प्रधान घोषित कर दिया। उक्त धार्मिक नेताओं जिन्हें नई कमेटी में सेवादार की जिम्मदेारी भी दी गई है, ने गगनदीप सिंह पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गगनदीप सिंह द्वारा इस गुरुद्वारा साहिब के सामने वाली जगह में गुरुद्वारा के विस्तार के लिए 180 गज के प्लाट की खरीद की है, हालांकि यह प्लाट काफी सस्ते दामों पर खरीदा गया है। इसकी कीमत बेहद ज्यादा दर्शाई गई है। गगनदीप सिंह से बार बार कहने पर उन्होंने इसका कोई लेखा जोखा नहीं दिया है। नतीजन उन्हें हटाकर किसी अन्य सेवादार को प्रधान बनाने का फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। गुरुद्वारा 10वीं पातशाही अकाश एवेन्यू के प्रधान गगनदीप सिंह ने का कि मुझे नए प्रधान के चयन से पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी, अगर मुझे जानकारी दी होती और संगत मुझे अपने पास बिठाकर हटने के लिए एक बार भी कह देती तो वह संगत के समक्ष झुकते हुए प्रधान पद छोड़ देते । उन पर लगाए आरोप निराधार हैं, प्लाट संबंधी सभी दस्तावेजों व कीमत बारे संगत को मालूम ही है। एक पैसे की भी हेराफेरी नहीं की गई है। उन्हें हटाने के लिए ही ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। वार्ड 8 से आप पार्षद बलविंदर सिंह गिल ने कहा कि मैं संगत के साथ हूं, संगत ने जो फैसला किया है, ठीक ही किया होगा, यह पूरी तरह से धार्मिक मामला है, वह इसे लेकर कोई भी अन्य राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं।


