भास्कर न्यूज | जशपुरनगर कटनी–गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर स्थित लोरो घाटी भारी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। घाटी के तीखे मोड़ों पर ट्रक अनियंत्रित होकर लगातार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। सड़क निर्माण के बाद भी यहां हादसों का सिलसिला थमा नहीं है। जशपुर की ओर से आने वाले भारी वाहन घाटी उतरते समय शिव मंदिर के आगे स्थित दो तीखे मोड़ों पर नियंत्रण खो बैठते हैं। अब तक कई वाहन चालकों की जान जा चुकी है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण विभाग के सहयोग से तकनीकी जांच कराई है। पुलिस की सलाह पर इन मोड़ों पर ऊंचे और मजबूत सेफ्टी वाल बनाए गए हैं, जिससे अब वाहन खाई में गिरने से बच रहे हैं। प्रशासन और पुलिस ने हाल ही में दुर्घटना के कारणों और समाधान पर अध्ययन किया है। लोरो घाटी को सबसे अधिक जोखिम भरा क्षेत्र माना गया है, जिसके सुधार की बात राज्य पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कही है।


