भास्कर न्यूज | कवर्धा स्वच्छ, सुंदर और विकसित कवर्धा अभियान के तहत रविवार को दर्री तालाब की सफाई की गई। यह श्रमदान अभियान का पांचवां पड़ाव था। तालाब में वर्षों से जमा जलकुंभी और कचरे को हटाने का कार्य शुरू किया गया। जलकुंभी के कारण पानी का प्रवाह रुक गया था और दुर्गंध फैल रही थी। इससे आसपास के रहवासियों को सुख-दुख के कार्यों में परेशानी हो रही थी। तालाब की सफाई में जनप्रतिनिधि, वार्डवासी, युवा, स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सभी ने मिलकर तालाब से जलकुंभी निकाली और किनारों की सफाई की। नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि श्रमदान से न केवल तालाब की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी आएगी। उन्होंने कहा कि जब तक दर्री तालाब की सफाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक हर रविवार श्रमदान जारी रहेगा। दर्री तालाब की सफाई के लिए रविवार सुबह 6 बजे से 8 बजे तक दो घंटे श्रमदान किया गया। स्काउट गाइड संगठन के रोवर-रेंजर सदस्यों ने तालाब की स्वच्छता और जल संरक्षण की मिसाल पेश की। इस तालाब में जलकुंभी और कचरे की भरमार थी, जिससे जल स्रोत दूषित हो रहा था। 13 अप्रैल से अभियान शुरू किया गया। शुरुआत में श्रीराधाकृष्ण बड़े मंदिर तालाब की सफाई की गई। पहले 3 रविवार इस तालाब की सफाई में आम लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने श्रमदान किया। इसके बाद शहर के दीगर तालाबों की भी सफाई श्रमदान व जनसहयोग से किया जाएगा।


