कृषि को विज्ञान व व्यापार के नजरिए से देखना जरूरी: शिल्पी

कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि कृषि को विज्ञान और व्यापार के नजरिए से देखने की जरूरत है। जब तक नजरिया नहीं बदलेगा, तब तक कृषि में बदलाव संभव नहीं है। कहा कि आज लोग कृषि विभाग में कुछ हलचल होने की बात खुद से स्वीकार कर रहे हैं। अब लोगों को कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी मिल रही है। राज्य के लोगों को कृषि विभाग से काफी अपेक्षा है। कृषि मंत्री बुधवार को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग और ग्रांट थॉर्नटन भारत एलएलपी के संयुक्त रूप से आयोजित कार्यशाला के उद्घाटन के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थीं। झारखंड में एग्रो वैल्यू चेन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पशुपालन निदेशालय में इस कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस कार्यशाला में प्रगतिशील किसान और एफपीओ से जुड़े किसानों ने भाग लिया। कृषि मंत्री ने कहा कि इससे पहले एफपीओ की चर्चा नहीं होती थी। आज एफपीओ से 3 हजार से 14 हजार तक महिला और पुरुष जुड़े हुए हैं। सामूहिक प्रयास से बहुत कुछ किया जा सकता है। कृषि के क्षेत्र में जो उत्पादन हो रहा है, उसे बाजार से कैसे जोड़ें, इस पर काम हो रहा है। व्यवस्था में हमेशा सुधार होते रहना चाहिए। इसके साथ ही नीतिगत रूप से भी आगे बढ़ने की आवश्यकता है। कहा कि लाह की खेती में झारखंड सबसे आगे है पर लाह उत्पादन से जुड़े किसानों को कैसे सही मूल्य मिले ये सुनिश्चित करना होगा। इस मौके पर हजारीबाग के बड़कागांव के एफपीओ को 6 लाख 59 हजार का ग्रांट दिया गया। कार्यशाला में विभागीय सचिव अबू बक्कर सिद्दीकी, कृषि निदेशक ताराचंद, रिशु रवि, प्रो. वी. पद्मानंद मुख्य रूप से मौजूद थे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *