भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा जिले में बारिश से पहले एक बार फिर जंगलों की कटाई जोरों पर है, अरनपुर से लेकर बारसूर तक टेकरी और पहाड़ों में पेड़ों को काटकर खेती के लिए ग्रामीण जमीन तैयार कर रहे हैं। बारसूर के कोरकोट्टी में बड़े-बड़े पेड़ों को ग्रामीणों द्वारा काटा और जलाया जा रहा है। इसकी खबर अभी तक वन अमले को नहीं है या सब कुछ जानकर मैदानी कर्मचारी अनभिज्ञ बने हुए हैं यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। बारसूर में सरगी और साल के बड़े-बड़े पेड़ों के जंगल हैं, इन पेड़ों को अब नष्ट किया जा रहा है। राजस्व और वन विभाग दोनों ही अभी तय नहीं कर पाए हैं कि जहां पेड़ों में आग लगाई जा रही है यह क्षेत्र रिजर्व फारेस्ट का है या राजस्व का। धान की बोआई के बाद दंतेवाड़ा जिले में बड़ी तादाद में कोसरा की खेती भी की जाती है, इसकी बोआई मैदानों में या फिर पहाड़ों और टेकरी में ग्रामीण करते हैं। इसके लिए हर साल पेड़ों की कटाई होती है जिसको लेकर राजस्व और वन अमला गंभीर नहीं है। बारसूर गीदम परिक्षेत्र का क्षेत्र है। गीदम से इसकी दूरी 23 किलोमीटर है, बीट गार्ड के भरोसे सैकड़ों एकड़ का जंगल है, इस + अरनपुर में भी पेड़ों को खेत बनाने काट रहे बारसूर के साथ-साथ जिले के अरनपुर में भी पेड़ों की कटाई कर खेत बनाने का काम किया जा रहा हैं, यहां भी बड़े, बड़े पेड़ों को काट दिया गया है। मुख्य सड़क के किनारे कोंदापारा के पास पेड़ों की कटाई की गई है हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि जमीन फारेस्ट की है या निजी। गीदम रेंजर जेडी वर्मा को मामले की जानकारी के लिए फोन लगाया गया पर उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया, हालांकि मामले की जानकारी फारेस्ट के उच्च अधिकारियों को +


