भास्कर न्यूज| सरायकेला भारत सरकार की आकांक्षी प्रखंड के रूप में चिह्नित होकर विकास के क्षेत्र में पूरे देश में प्रशंसा लूटने वाले सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिरबांस में बच्चों को इस तपती गर्मी में पानी नहीं मिल रहा है। हाल ही में इस प्रखंड में विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए भारत सरकार ने जिला प्रशासन को सम्मान से नवाजा है। पानी की किल्लत ने बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों पर असर पड़ रहा है। स्कूलों में बच्चे बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। विद्यालय में लगे एकमात्र नलकूप का जलस्तर एक माह पूर्व ही सूख चुका है। जिसके कारण बच्चों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। शौचालयों में पानी नहीं होने के चलते गंदगी बढ़ गई है और छात्र-छात्राओं को खुले में शौच जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। हालत यह है कि कई बच्चों ने पानी और शौचालय की बदहाली के कारण स्कूल आना बंद कर दिया है। जिससे उपस्थिति में भारी गिरावट आई है। पानी की अनुपलब्धता के कारण विद्यालय में मिड-डे मील बनाना भी कठिन हो गया है। शिक्षकों के अनुसार किसी तरह भोजन तैयार किया जा रहा है लेकिन व्यवस्था अस्थिर है। प्रधानाध्यापक ने बीडीओ को समस्या की दी थी जानकारी विद्यालय के प्रभारी प्रभु नारायण राम खरवार द्वारा 25 अप्रैल को प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन देकर नए नलकूप की मांग की गई थी। साथ ही यह भी बताया गया कि विद्यालय में 325 छात्र अध्ययनरत हैं। जलसंकट से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। पंचायत की मुखिया और बीईईओ को भी सूचना दी गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।


