भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब रोडवेज और पनबस की रोजाना 1750 बसें सड़कों पर दौड़ती हैं, लेकिन स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण लुधियाना डिपो की करीब 10-12 बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं। नट-बोल्ट से लेकर टायर, इंजन, बैटरी, लाइट, वाइपर, ब्रेक शू और गियर बॉक्स जैसे आवश्यक पुर्जों की कमी के चलते ये बसें चल नहीं पा रहीं। इसका सीधा असर सरकारी राजस्व पर पड़ रहा है, जिससे रोडवेज को रोजाना 5 लाख रुपये तक का घाटा हो रहा है। लुधियाना डिपो से 120 के करीब बसें रोजाना चलती हैं, लेकिन इनमें से 10-12 बसें स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण कई दिनों से वर्कशॉप में खड़ी हैं। इनकी मरम्मत के लिए कई बार एक्सीडेंट गाड़ियों से भी सामान निकालकर काम चलाया जा रहा है। इसके चलते जिन रूट्स पर सरकारी बसें नहीं चल पा रही हैं, वहां प्राइवेट बस ऑपरेटर्स को सीधा फायदा मिल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सरकारी बसों को रोजाना 43-44 हजार किलोमीटर का सफर तय करना चाहिए, लेकिन स्पेयर पार्ट्स की कमी के चलते यह दूरी करीब 10 हजार किलोमीटर कम हो रही है। इसका नतीजा यह है कि प्राइवेट बसें अधिक यात्रियों को उठा रही हैं और मुनाफा कमा रही हैं, जबकि सरकारी बसें वर्कशॉप में खड़ी-खड़ी ही घाटा बढ़ा रही हैं। जल्द मंगवाए जाएंगे स्पेयर पार्ट्स: जीएम जनरल मैनेजर नवराज बातिश ने बताया कि वर्कशॉप में खड़ी बसों की समय-समय पर रिपेयर की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी कारणवश स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं हो पाए हैं, लेकिन जल्द ही इनकी व्यवस्था की जाएगी। रोडवेज के पास किसी भी चीज की कमी नहीं है और जल्द ही सभी बसें सड़क पर लौटेंगी। सरकारी बसों का न चलना न केवल यात्रियों को परेशानी में डाल रहा है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है। स्पेयर पार्ट्स की कमी दूर कर बसों को दोबारा रफ्तार देने की जरूरत है।


