नोटिस के बिना 50 दुकानों को तोड़ा, लाखों का नुकसान देख आक्रोशित हुए दुकानदार, जान बचाकर भागे पुलिसकर्मी

रांची पुलिस और नगर निगम की टीम ने रात के अंधेरे में करीब 50 परिवारों को सड़क पर ला दिया। लालपुर थानेदार, मोरहाबादी टीओपी प्रभारी और निगम की टीम ने मोरहाबादी के दुर्गा मंदिर रोड में रात के अंधेरे में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। नोटिस दिए बिना बंद पड़े फल, साग-सब्जी की दुकानें और ठेला-खोमचा पर बेरहमी से बुलडोजर चला दिया। पीएम स्वनिधि योजना और बैंक से मुद्रा लोन लेकर फल, सब्जी, चाय, जूस की दुकान लगाने वाले दुकानदारों को मात्र 45 मिनट में बेरोजगार कर दिया। उनकी दुकानों को तोड़कर फल-साग-सब्जी सहित करीब छह ठेला जब्त करके निगम की टीम ले गई। इससे दुकानदारों का लाखों रुपए का नुकसान हुआ। दुकानदारों को जैसे ही पुलिस की कार्रवाई का पता चला, सैकड़ों दुकानदार जमा हो गए। हंगामा देख पुलिसकर्मी भागने लगे। दुकानदारों ने पुलिसकर्मियों को टीओपी तक दौड़ाया। सुबह में सभी दुकानदारों ने मोरहाबादी रोड को जाम कर दिया। मोरहाबादी टीओपी प्रभारी सत्य प्रकाश और लालपुर थानेदार पर कार्रवाई की मांग करने लगे। दुकानदारों के आक्रोश को देखते हुए लालपुर थानेदार मौके पर पहुंचे। महिला दुकानदारों ने पुलिसकर्मियों पर गुंडा बनकर गरीबों पर जुल्म करने का आरोप लगाया। काफी हंगामा के बाद निगम की टीम ने जब्त सामान दुकानदारों को वापस कर दिया। दुकानदारों ने बताई पीड़ा पुलिस के आग्रह पर हुई कार्रवाई हरेक माह 3 हजार रु. की वसूली मोरहाबादी मैदान के चारों ओर फुटपाथ दुकानदारों से प्रतिमाह मोटी रकम की वसूली होती है। वसूली में स्थानीय गूंडे,नेता,निगम कर्मी और पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। दुकानदारों ने बताया कि निगम के ठेकेदार रोजाना 100 रुपए वसूलता है। एक दुकानदार हरेक माह 3 हजार रुपए ठेकेदार को देता है। पुलिस सहयोग करने गई थी डीसी से कार्रवाई की मांग की आक्रोशित फुटपाथ दुकानदार गुरुवार की सुबह सड़क पर उतर गए और रोड जाम कर दिया। इस दौरान मॉर्निंग वॉकरों ने पुलिस की कार्रवाई को गरीब विरोधी बताया। पूरे दिन मोरहाबादी में दुकानें बंद रही। फुटपाथ दुकानदारों ने रांची डीसी को पत्र लिखकर मुआवजा देने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। हाईकोर्ट ने दुकानदारों को व्यवस्थित करने कहा, अफसरों ने रोजगार छीना झारखंड हाईकोर्ट ने मोरहाबादी के फुटपाथ दुकानदारों को व्यवस्थित करने का आदेश नगर निगम को दिया था। दुकानदारों को वेंडिंग जोन बनाकर बसाने का आदेश दिया। लेकिन निगम के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने दुकानदारों को व्यवस्थित करने के बजाय उनका रोजगार ही छिन लिया। रात के अंधेरे में फल, सब्जी उठा ले गए निगमकर्मी, आधे फल बर्बाद हो गए मोरहाबादी में नगर निगम और पुलिस की कार्रवाई के बाद फुटपाथ दुकानदारों में भारी आक्रोश, कार्रवाई के बाद सड़क पर बिखरे फल-सब्जी और टूटे हुए दुकानों के मलबे। मोरहाबादी मैदान से आगे दुर्गा मंदिर रोड जाने वाली सड़क के किनारे साग-सब्जी, फल, जूस, चाय बेचने वाले 50 से अधिक दुकानदारों के घर में खाने के लाले पड़ गए हैं। घर में चूल्हा जलाने तक के पैसे नहीं बचे हैं। बच्चों की पढ़ाई, सेहत पर भी आफत है। एक रुपए जमा पूंजी नहीं बची। बैंक का कर्ज कैसे देंगे, यह सवाल सभी फुटपाथ दुकानदार अपने आप से पूछ रहे हैं। दरअसल, गुरुवार की देर रात मोरहाबादी टीओपी के प्रभारी के नेतृत्व में निगम की टीम ने करीब 50 दुकानों को उजाड़ दिया। इस दौरान काफी मात्रा में फल-सब्जी को जब्त कर लिया गया। विजय मेहता के जूस कॉर्नर को तोड़ दिया। गुमटी में रखा सारा सामान नष्ट हो गया। कैरेट में रखे 50 कैरेट से अधिक फल जैसे सेब, संतरा, अनार, आम को जब्त कर लिया गया। 5 क्विंटल से अधिक तरबूज निगम की टीम उठा ले गई। प्रस्तुति: प्राप्ति चौधरी,श्रुति चंद्रा चूल्हा जलाना मुश्किल, बच्चों की पढ़ाई पर असर मोरहाबादी में निगम कर्मियों पर आक्रोशित होते फुटपाथ दुकानदार। दुकानदारों ने कहा- निगम ने ही बसाया फिर उजाड़ दिया, पुलिसकर्मियों को मुफ्त में सब्जी न देने से हुई कार्रवाई

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