महालक्ष्मीनगर स्थित एक गार्डन में “सर्व ब्राह्मण युवा संगठन” महालक्ष्मीनगर इकाई द्वारा ब्राह्मण समाज का मिलन समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन में सैकड़ों ब्राह्मण परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में समाज के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही संयुक्त परिवारों के योगदान की सराहना करते हुए ब्राह्मण संस्कृति की गहराइयों को उजागर करने का प्रयास किया गया। एक छत में रहने वाली तीन पीढ़ियाें के परिवारों का सम्मान कार्यक्रम की विशेषता मातृ-पितृ वंदन कार्यक्रम रहा। इसमें उन संयुक्त परिवारों को सम्मानित किया गया जिनकी तीन पीढ़ियां एक छत के नीचे रहती हैं और एक ही रसोई से भोजन करती हैं। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का उनके बच्चों द्वारा पूजन और सम्मान कराया गया, जिससे परिवार में संस्कार और परंपरा को सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया। इसके साथ ही 85% से अधिक अंक अर्जित करने वाले मेधावी छात्रों को मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। अतिथियों ने समाज को संगठित करने पर बल दिया प्रमुख अतिथि पंडित योगेश मिश्रा, प. चंद्रमोहन दुबे, पार्षद प. मनोज मिश्रा, वार्ड 37 के पार्षद पति प. महेश जोशी, प. के के झा, प. राजू शर्मा, प. अनूप मिश्रा, प. बसंत नाईक इत्यादि उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता पं. अमित त्रिवेदी ने की। ब्राह्मण समाज हिंदू धर्म की रीढ़ नगर अध्यक्ष पं. संदीप जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा, ब्राह्मण समाज ने हजारों सालों तक अपनी संस्कृति और सनातन धर्म को जीवित रखा है। यह समाज हिंदू धर्म की रीढ़ है, जो जातिवाद के खिलाफ खड़ा होकर सभी को जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने समाज को परशुराम जयंती पर पूरे परिवार के साथ एकत्र होकर उत्सव मनाने का संकल्प दिलाया। इस आयोजन में महालक्ष्मीनगर इकाई के पदाधिकारी पं. अरुण कराहे, पं. नारायण पगारे, पं. हेमंत शर्मा, पं. अनुपम चोरै, पं. पंकज वेद, पं. बृजेश पचौरी, पं. प्रमोद शर्मा, पं. दुष्यंत शर्मा, पं. अनिरुद्ध तिवारी, डॉ. के. व्यास, पं. मनीष दवे और पं. विजय भारद्वाज प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। मंच संचालन विनय त्रिपाठी ने किया। पं. विश्वास द्विवेदी ने आभार माना।


